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Shakshiyat

 

 

नाम:-     श्री शंकर लाल हर्ष

पिता:-     श्री शिवदास जी हर्ष 

जन्म:-     09.05.1928

पता:-     मोहता का चौक,बीकानेर।

पद:-      समाजसेवी ।

 

श्री शंकर लाल हर्ष

 

 समाजसेवी

 

 

 

विस्मयजनक व्यक्तित्व के धारक 

 

श्री अमरेश्वर महादेव मन्दिर में वृक्षारोपण करते हुए

बीकानेर व्यापार उघोग मण्डल को सम्बोधित करते हुए

उत्तरप्रदेश के राज्यपाल श्री मोहम्मद उस्मान आरिफ का अभिवादन करते हुए

राजस्थान बृजभाषा अकेडमी

1964 में अकाल के समय पशुओं को आहार

मोतिलाल जी बोहरा के साथ

श्री अमरेश्वर महादेव में अभिषेक करते हुए

  आपकी सेवा भावना मे काया का तप और आत्मा का सौन्दर्य झलकता है। त्याग आपकी वृत्ति है और अनुराग आपका स्वभाव। अनेक क्षेत्रों में एक साथ सक्रिय रहने वाले आपके व्यक्तित्व के विस्तार को देखते हुए विस्मित होना पड़ता है। ये क्षेत्र है - शिक्षा, साक्षरता, कला, संगीत, नैतिकता, पशु-प्रेम, पर्यावरण सुरक्षा, कृषि-कर्म व्यावसायिक कौषल, संगठन क्षमता, न्याय एवम् उपभोक्ता - सरक्षंण आदि। इन सभी क्षेत्रों में उचित ध्यान देने वाला आपका समय-प्रबंधन भी सराहनीय है।
 
 

अमर कीर्ति अवॉर्ड

   अभी हाल ही में आपको राव बिकाजी संस्थान द्धारा अमर कीर्ति अवॉर्ड से नवाजा गया।
 
 

मानव मात्र के हितैषी 

स्पोर्टस एसोसिएशन के देवी सिंह जी के साथ

  गणतंत्र दिवस पर प्राप्त स्वामी कृष्णानन्द पुरस्कार आपके मानव-प्रेम का घोतक है। सम्भ्रान्त नागरिक परिषद्,जिला अणुव्रत समिति तथा विश्व शांति एवं एकजुटता परिषद् के माध्यम से आपने सद्भाव, सेवा तथा नैतिक वातावरण के सृजन के जो उल्लेखनीय मानदण्ड स्थापित किये हैं, उन पर गर्व होना स्वाभाविक है। आपके मन में अकिंचन से लेकर गणमान्य व्यक्तियों के प्रति समभाव रहता है तभी तो लोग आपको अजातशत्रु मानते हुए सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।
 

"ना काहु से दोस्ती ना काहु से वैर" के प्रतिमान

 

     आप गत 25 वर्षो से जिला स्तरीय लोक अदालत के स्थायी सदस्य के रूप में भी कार्य कर रहे है। साथ ही आप उपभोक्ता संरक्षण समिति के सदस्य के रूप में उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने में भी लगातार सक्रिय रहते हैं। आपकी न्यायप्रियता की साख इतनी गहरी है कि आपको जिला एवं सत्र न्यायालय में निःशुल्क कानूनी सहायता दिलाने हेतु सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में मनोनीत किया गया।
 
 

खेल भावना के उज्ज्वल प्रतीक 

एस.बी.बी.जे. अखिल भारतीय टूर्नामेंट 2009 में मुख्य अतिथि के रूप में परिचय प्राप्त करते हुए

1987 विश्व टेबल टेनिस चैम्पियन

1987 विश्व टेबल टेनिस वर्ल्ड चैम्पियन के रनरअप के साथ

      विभिन्न खेलों के उन्नयन में आपके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलती रही है। नवम् एशियायी खेल (टेबल टेनिस) की विषेष संचालन समिति, 39 वीं विश्व टेबल टेनिस चैम्पियनषिप की संचालन समिति तथा राष्ट्रमंडलीय टेनिस के तकनीकी अधिकारी के रूप में आपने विश्व स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्पर्धाओं में अविस्मरणीय भूमिका का निर्वाह किया है। खेल भावना तो आपकी रग-रग में रमी हुई है। टेबल टेनिस के अतिरिक्त तैराकी, तीरन्दाजी, योग साधना, शतरंज एवं अन्य क्रियाएं व वरिष्ठ नागरिकों के शौकिया खेलकूद आदि अनेक क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें आपने जिला स्तर से लेकर प्रांतीय स्तर पर सराहनीय सेवाए दी हैं
 
 
 

ललित रूचियों के संधारक एवम् शिक्षाप्रेमी 

 

      शिक्षा क्षेत्र में आपकी सक्रियता सर्वविदित है। आप आचार्य श्री राम विधालय की प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष एस.डी.वाई.एम. शिक्षा एवं शोध सोसायटी के उपाध्यक्ष, शार्दुल स्पोर्ट्स स्कूल की गवर्निंग कौंसिल के सम्मानित सदस्य तथा जिला साक्षरता समिति के सदस्य हैं। श्री संगीत भारती के अध्यक्ष के रूप में आपने शास्त्रीय , लोक तथा वाघ संगीत के विकास में अनवरत प्रयास किये हैं। आप एक दशक से इलेक्ट्रोनिक मीडिया में बीकानेर हलचल कम्यूनिकेशन के संरक्षक के रूप में अनुकरणीय सहयोग देकर मीडिया के क्षेत्र में भी प्रयास कर रहे है।
 
      आप कृषि-विज्ञ एवं पर्यावरण प्रेमी है। श्री पुष्टिकर ब्राह्मण सावा समिति के सम्मानित अध्यक्ष है। आकाषवाणी परामर्ष समिति, बीकानेर व्यापार उघोग मण्डल, गंगा जुबिली प्रोल एवम् अमरेष्वर ट्रस्ट में अपनी विषेष सेवाएं दी है।
 
      पिता श्री शिवदास जी हर्ष व माता श्री मति लक्ष्मी देवी के धर चैत्र बदी बारस सम्वत् 1985 को बीकानेर में जन्म हुआ। आपके तीन बहिने व तीन पुत्र व तीन पुत्रीया हैं।  पुष्करणा समाज उनकी दीर्धायु एवं सतत् प्रगति की कामना करता है। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा नई दिल्ली के आप प्रदेशाध्यक्ष पद को सुशोभित कर रहे है।
 
हालहि में सन् 2011 में मुख्यमंत्री द्वारा उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य व राज्य क्रीड़ा परिषद के उपाध्यक्ष पद पर मनोनित हुए।