बीकानेर । अच्छे घर, वर व किसी भी कार्य की पूर्ति के लिये शुरू किए गए धींगा गवर का पूजन आज विवाहित महिलाओं ने उत्साह के साथ किया। इस अवसर पर गणगौर पूजन करने वाली महिलाओं ने गोठ की। घरों में गेहूं, बाजरे, बेसन आदि के ढोकले-फोगले का रायता बनाकर गणगौर के भोग लगाया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार 16 दिवसीय यह पूजन वे महिलाएं करती है, जिनका लम्बे समय से कोई कार्य या मन्नौती पूर्ण नहीं होती है। दीवार पर धींगा गवर का चित्र बनाकर 16 दिनों तक इसकी पूजा अर्चना की जाती है। विवाहिताएं बिना कुछ खाये पहले गणगौर की पूजा कर कहानी सुनती है और मन्नौती पूर्ण होने पर वे विधि विधान से अपने घरों में भी इसका पूजन शुरू कर देती है। आज अनेक घरों में धींगा गवर की पूजा अर्चना की गई वहीं ब्रह्मपुरी चौक से कलश यात्रा निकाली गई, जो दाऊजी मंदिर होती हुई पुन: ब्रह्मपुरी चौक पहुंची। रात्रि में दुल्हा दुल्हन बनकर गवर के समक्ष नृत्य आदि के कार्यक्रम भी हुए।

