राजस्थान में कुछ समय से ठंडी पड़ी गुर्जर आन्दोलन की आग एक बार फिर सुलगने लगी है. आरक्षण आन्दोलन की अगुवाई कर रहे गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी बैंसला ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस बार फिर उग्र आन्दोलन की धमकी दे डाली है.
राजधानी जयपुर के सिविल लाइन स्थित कैबिनेट मंत्री डॉक्टर जीतेंद्र सिंह के सरकारी निवास के अन्दर बैठे गुर्जर समुदाय के लोगों का ये जमावड़ा गहलोत सरकार के लिए खतरे की घंटी बताने के लिए काफी है दरअसल,गुर्जरों के लिए आरक्षण की मांग की अगुवाई कर रहे गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अपनी मांग को लेकर इस बार बैंसला और उनके समर्थकों ने जयपुर में सुबह से ही डेरा डाल दिया है. बैंसला ने आरक्षण के नाम पर सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप दिहराते हुए उग्र आन्दोलन की चेतावनी दी है.
दरअसल, सरकार और गुर्जरों के बीच चार फ़ीसदी आरक्षण को लेकर गतिरोध बना हुआ है. सरकार फिलहाल गुर्जरों को एक फ़ीसदी का विशेष आरक्षण दे रही है लेकिन गुर्जरों ने अपनी पुरानी मांग के मुताबिक़ बकाया चार फीसदी आरक्षण देने पर रुख साफ़ करने की मांग की है. लेकिन सरकार की दलील है की आरक्षण का मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है. सरकार हर बार की तरह इस बार भी गुर्जरों के विकास को लेकर चलाई जा रही योजनाओं के कसीदे पढ़ती हुई नज़र आई.
गुर्जर आरक्षण के सिलसिले में सरकार की ओर से हो रही देरी और ढुलमुल रवैय्ये से गुर्जर समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. फिलहाल,आरक्षण संघर्ष समिति डॉ. जितेंद्र सिंह के आवास पर मांग पूरी नहीं होने तक पड़ाव दाल दिया है. अब देखना ये है की सरकार इस बार गुर्जरों के बढ़ते आक्रोश को थामने के लिए क्या हथकंडा अपनाती है.

