बीकानेर । भक्ति और आराधना का महीना कहा जाने वाला क ार्तिक मास आज शरद पूर्णिमा से शुरू हो गया। अब पूरे महीने भर प्रभात फेरियों, पूजा-पाठ का सिलसिला चलेगा। सभी तरह के शुभ और मांंगलिक कार्य कार्तिक मास के दौरान किए जा सकेंगे। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार कार्तिक महीना भगवान विष्णु को समर्पित है।इसमें श्रद्धालुओं द्वारा एक माह तक विष्णु भगवान की आराधना की जाती है। माना जाता है कि कार्तिक मास में भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्त की हर प्रकार की कामना पूरी होती है। पंडित ब्रह्मदत्त व्यास के अनुसार इस बार कार्तिक मास 23 अक्टूबर से लेकर 24 नव ंबर तक रहेगा। कार्तिक महीने में पूजा-पाठ, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आएगी। उन्हो ंने बताया कि कार्तिक महीने में गंगा स्नान, तीर्थ यात्रा और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है।
देव उठनी एकादशी सबसे महत्वपूर्ण दिन
उन्होंने बताया कि कार्तिक मास में कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी देव उठनी एकादशी को इस मास का सर्वाधिक महत्वपूर्ण दिन माना गया है। इस दिन चातुर्मास समाप्त होता है और देव जागृत हो जाते हैं। इसी के साथ मांगलिक कार्यक्रमों की शुरु आत होती है। कार्तिक मास की समाप्ति पर कार्तिक पूर्णिमा का भी बड़ा विशेष महत्व है। इसे तीर्थ स्नान और दीपदान की दृष्टि से वर्ष का सबसे श्रेष्ठ समय माना गया है। इसे देव-दीपावली कहते हैं।
जानिए, कार्तिक महीने का महत्व
व्यास ने बताया कि कार्तिक मास में किया गया धार्मिक कार्य कई गुणा अधिक फलदायी होता है। शास्त्रों के अनुसार ये महीना पूरे साल का सबसे पवित्र महीना है। इसी महीने में ज्यादातार व्रत और त्यौहार आते है। कार्तिक मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इसलिए इस माह में की गई थोड़ी उपासना से भी भगवान जल्द प्रसन्न हो जाते हैं।

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