इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगों के दौरान नवंबर, 1984 को दिल्ली छावनी के राजनगर क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को मार दिया गया था।

दिल्ली के दिग्गज कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार के साथ पूरी कांग्रेस पार्टी के लिए सोमवार का दिन काला साबित हुआ। दिल्ली में1984 में हुए सिख दंगों के एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार समेत चार लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

सजा सुजाए जाने के बाद दोषी सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा। सोमवार को जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस विनोद गोयल की बेंच ने यह फैसला सुनाया। सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा देने के साथ दोषी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इससे पहले निचली अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था। 

सज्जन कुमार के साथ तीन और लोगों को भी उम्रकैद की सजा
कोर्ट ने अपने फैसले में सज्जन कुमार, कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल और पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, किशन खोकर और पूर्व पार्षद महेंद्र यादव को 10 साल की सजा मिली है। 

हाई कोर्ट ने अपने इस कठोर फैसले के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि 1947 में भारत-पाक बंटवारे के दौरान लोग मारे गए थे, फिर 37 साल बाद दिल्ली इसी तरह के दंगों की गवाह बनी। आरोपी राजनीतिक करियर में आनंद लेता रहा और ट्रायल से बचता रहा। बता दें कि सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने कुल 7 अपील पर अपना फैसला सुनाया है। 

वहीं, बता दें कि निचली अदालत 1984 सिख दंगा मामले में 2013 में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर चुकी थी और बाकी बचे आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दे चुकी है थी। 

Post not found !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *
You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>