राजस्थान सरकार ने राज्य की न्यायिक सेवाओं में सबसे पिछड़ी जातियों को एक फीसदी आरक्षण का फैसला किया है। इससे पांच जातियों को फायदा मिलेगा, जिनमें गुजर भी शामिल हैं। गौरतलब है कि राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट गुजर समुदाय से हैं। यह समुदाय अपने लिए विशेष आरक्षण की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलनरत रहा है। पांच सबसे पिछड़ी जातियों को न्यायिक सेवाओं में एक फीसदी आरक्षण का निर्णय सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किया गया। इसके अलावा इन सेवाओं के लिए होने वाली परीक्षाओं में कुछ श्रेणी के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा में छूट बढ़ाने का निर्णय भी किया गया है। सामान्य श्रेणी के 21 से 40 वर्ष के अभ्यर्थी इन परीक्षाओं में बैठ सकेंगे। वहीं सभी श्रेणी के दिव्यांगों को आयु सीमा में छूट 15 साल तक बढ़ाई गई है। इसमें सामान्य श्रेणी में 10 साल, ओबीसी में 13 साल और एससी-एसटी वर्ग में 15 साल और छूट मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *
You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>