बीकानेर । आगामी 21 फरवरी को होने वाले पुष्करणा समाज के ओलम्पिक सामूहिक सावा के पोस्टर-लोगो का लोकार्पण सोमवार को जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने किया। यह पोस्टर-लोगो शहर की संस्कृति को जीवंत करने वाली जानी-मानी संस्था ’रमक झमक’ की ओर से तैयार करवाया गया है। जिला कलक्टर को ‘रमक झमक’ द्वारा सावा पर की जाने वाली सेवाआंे व सुविधाओं का लैपटॉप के माध्यम से अवलोकन करवाया गया।
जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने सावा पर शुभकामना देते हुए कहा कि वर्षों पुरानी इस परम्परा का निर्वहन अब तक हो रहा है और रमक-झमक सहित अन्य युवा लोग इस पुरानी व्यवस्था को आगे बढ़ा रहे है। यह अच्छी बात है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि सामूहिक सावे के दौरान साफ-सफाई के बारे में आम जनता को समझाईश करें कि शादी-समारोह के बाद जो भी अनावश्यक सामान कागज व कचरा आदि बचते हैं उन्हें व्यवस्थित रूप से निस्तारित करें। जिला कलक्टर ने कहा कि युवाओं के जुड़ने से सावे में होने वाले सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रम भी वर्षों तक संजोए रखे जा सकेंगे।
संस्था के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरू’ ने बताया कि इस बार का पुष्करणा सावा पंडितों के शास्त्रार्थ पश्चात भगवान भगवती उमा संग उमाशंकर के नाम से तय हुआ है। इसलिये सावा 2019 का लोगो-पोस्टर मंे उमा व उमाशंकर का नाम व चित्र दिया गया है जो वर माला पहनाते हुवे है। 21 फरवरी को होने वाली सभी शादियों में हर दूल्हे का नाम उमाशंकर व हर दुल्हन का नाम उमा होगा, ये ही नाम कुंकुम पत्रिका निमन्त्रण कार्ड में छपेगा, वास्तविक नाम सिर्फ कोष्ठक में छपेगा। उन्होंने बताया कि सभी विवाह इन नामों से व निर्धारित गोधूलि मुहूर्त में होने से शादी अधिक शुभ व सुखद रहती है। रमक झमक द्वारा तैयार किये जाने वाले डाटा, प्रवासी लोगांे को भेजे जाने वाले आमंत्रण पत्र में व सस्कृति व समाज को पूर्ण समर्पित साइट रमक-झमक डॉट कॉम पर भी सावा सम्वन्धी उपलब्ध करवाई जाने वाली जानकारी के बीच ये पोस्टर-लोगो होगा। सावा का प्रचार-प्रसार व देश भर में भेजे जाने वाले निमन्त्रण में इसी पोस्टर-लोगो का उपयोग किया जाएगा। पोस्टर-लोगो का स्टीकर बनाया जाकर निजी वाहनों पर लगाया जाएगा। रमक झमक संस्था द्वारा शहर के मुख्य चौक में लोगो, पोस्टर के साथ रमक-झमक के सावा सम्बन्धी मुख्य इवेंट दर्शाया जाकर शहर के हर जाति धर्म के लोगों को आमंत्रित कर जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर राजेंद्र जोशी, गोपाल कृष्ण हर्ष, पंडित अशोक ओझा चौथानी, पंडित नारायण ओझा, श्रीनारायण आचार्य, रविंद्र जोशी, लीलाधर बोहरा सहित समाज के मौजीज गणमान्य भी मौजूद थे।

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