महिलाओं की लापरवाही से एक परिवार का सपना चूर-चूर , पढे दर्दनाक खबर

महिलाओं की लापरवाही से एक परिवार का सपना चूर-चूर , पढे दर्दनाक खबर  महिलाओं की लापरवाही से एक परिवार का सपना चूर-चूर , पढे दर्दनाक खबर bianner

जयपुर। सात भाई-बहनों में मादाराम सबसे छोटा था। उससे बड़े तीनों भाई मजदूरी कर मादाराम को पढ़ा रहे थे, ताकि घर का लाडला और सबसे छोटा चिराग सरकारी नौकरी में जा सके। मादाराम भी पुलिस में भर्ती होना चाहता था। इसलिए जोधपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह 12वीं पास करने के बाद कांस्टेबल बनने की तैयारी कर रहा था।

महिलाओं की लापरवाही से एक परिवार का सपना चूर-चूर , पढे दर्दनाक खबर prachina in article 1

पाली जिले के बीजोवा निवासी प्रकाशराम और हरिराम ने बताया कि गुरुवार रात को मादाराम ने परिवार से आखिरी बार बात की थी। उसने कहा कि जयपुर में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने जा रहा हूं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि कार चला रही महिला अगले ही दिन उनके भाई की जान ले लेगी। एक ही पल में पूरे परिवार का सपना चूर-चूर हो गया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने फोन किया और दुर्घटना में भाई के घायल होने की जानकारी दी। प्रकाशराम ने बताया कि दीपावली पर मादाराम घर आता, लेकिन हमें उसका शव ले जाना पड़ रहा है। अब बुजुर्ग पिता को कैसे बताएं कि सबका लाडला नहीं रहा। जयपुर थाने में भाई के परीक्षा के प्रवेश पत्र को देखकर प्रकाशराम के साथ परिवार के अन्य लोग भी सहम गए।

जेवर गिरवी रख कर भरी थी कोचिंग की फीस

प्रकाशराम को जयपुर दुर्घटना थाना दक्षिण पहुंचने पर भाई की मौत होने का पता चला। तब वह फूट फूटकर रोने लगा। यहां पर पहले से मौजूद मारवाड़ जंक्शन विधायक खुशवीर सिंह ने उसको गले लगाकर निष्पक्ष कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया और ढांढस बंधाया। विधायक उसके साथ मुर्दाघर भी पहुंचे। प्रकाशराम ने बताया कि मां ने अपने जेवर गिरवी रखकर मादाराम को कोचिंग के लिए पैसे दिए थे। कुछ खेती की जमीन बेच दी। इस हादसे से सबकुछ बिखर गया।

पहली बार देखा ऐसा भयानक हादसा

सीताराम गुर्जर ने बताया कि एलिवेटेड रोड पर टक्कर लगने के बाद करीब 70 फीट हवा में उछला युवक उनकी दुकान के यहां टीनशैड से आकर टकराया और फिर छत पर गिर गया। इतना भयानक हादसा पहली बार देखा। युवक का एक पैर एलिवेटेड रोड पर ही रह गया।

धाराओं में यह सजा का प्रावधान

धारा 304 में हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाली गैरइरादतन हत्या के मामले में सजा का प्रावधान है। यह एक संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है जिसमें अपराध साबित होने पर दस साल तक कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

 

 

COMMENTS