ACB की कार्रवाई से घूसखोरों में हड़कंप, राजस्थान के इन जिलों में घूसखोर ट्रैप, जानिए पूरी खबर

 ACB की कार्रवाई से घूसखोरों में हड़कंप, राजस्थान के इन जिलों में घूसखोर ट्रैप, जानिए पूरी खबर

जयपुर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) राजस्थान में लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं. रोजाना एसीबी घूसखोर अधिकारी और कर्मचारियों पर शिकंजा कस रही हैं. ताजा मामला जालौर, भरतपुर और अलवर जिले का है, जहां पर एसीबी ने कार्रवाई की है. जालौर में शिक्षा विभाग कार्यालय में एसीबी ने कार्रवाई की है, जबकि भरतपुर के रूपवास थाने में एसीबी ने कार्रवाई करते हुए एक घूसखोर एएसआई को दबोचा हैं. वहीं अलवर में देर रात ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं हास्पिटल में संविदाकर्मियों की भर्ती में में रिश्वतखोरी का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

जालोर में शिक्षा विभाग में ACB की बड़ी कार्रवाई:

आपको बता दें कि जालोर में शिक्षा विभाग में ACB ने बड़ी कार्रवाई की है. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ACB की टीम मौजूद हैं. पीए दिनेश को गिरफ्तार कर पूछताछ जारी है. DEO मोहनलाल व लेखाधिकारी को लेकर ACB टीम आ रही है. दोनों को ACB टीम गिरफ्तार कर चुकी है. जिला शिक्षा अधिकारी मोहनलाल को 30 हजार की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है. पीए ने 30 हजार रुपए की रिश्वत ली. निजी स्कूल के निरीक्षण की एवज में रिश्वत ली. एसीबी की टीम दोनों आरोपियों को अब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय लेकर पहुंच रही है, जहां पर पहले से ही ACB के अधिकारी मौजूद है.

रूपवास थाने में ASI ट्रैप:
वहीं बात करते है भरतपुर के रूपवास में हुई ACB की बड़ी कार्रवाई की. एसीबी ने रूपवास थाने में ASI को रिश्वत लेते दबोचा है. एएसआई को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप किया है.

अलवर में रिश्वतखोरी का खुलासा:

इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अलवर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं हास्पिटल में संविदाकर्मियों की भर्ती में रिश्वतखोरी का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक भगवानलाल सोनी ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी. इस मामले में लगभग 20 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है. सोनी ने कहा कि अलवर में ईएसआई मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल में भारत सरकार का एक नया प्रतिष्ठान शुरू हुआ है. इसमें नर्सिंग कर्मचारी, नर्सिंग सहायक कर्मचारी और अन्य कर्मचारियों की भर्ती के लिए एमजे सोलंकी नामक कंपनी को अनुबंध दिया गया था. शर्त यह थी कि भर्ती किए गए लोगों के वेतन का दो प्रतिशत कंपनी को सेवा शुल्क के रूप में मिलेगा, लेकिन कंपनी के लोगों ने अभ्यर्थियों व संभावित उम्मीदवारों से बड़ी रकम रिश्वत के रूप में मांगनी शुरू कर दी.

उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर एसीबी ने कार्रवाई कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें अलवर से कंपनी के कर्मचारी भरत पूनिया, कानाराम को गिरफ्तार किया गया. इनसे पास से पांच लाख रुपये बरामद किए हैं. इसी तरह आरोपी मंजुल को अजमेर से गिरफ्तार किया है और उसके पास से साढ़े 15 लाख रुपये बरामद किए गए हैं. उन्होंने बताया कि जोधपुर एम्स में लोकसेवक महिपाल यादव, नौकरी का प्रलोभन देकर रिश्वत लेने के मामले में कंपनी की मदद कर रहा था, उसे भी गिरफ्तार किया गया है.

ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन ने बताया कि आरोपी कर्मचारियों ने नर्सिंग कर्मी पद के लिए दो-दो लाख रुपये व नर्सिंग सहायक पद के लिए एक- एक लाख रुपये लिए. इस कंपनी को इन पदों पर करीब 100 भर्तियां करनी थी इसके अलावा भी 600-700 कर्मचारियों को इस कंपनी के जरिए रखा जाना है. उन्होंने कहा कि इस मामले में कॉलेज प्रशासन की भूमिका सहित अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी.

S.N.Acharya

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