3 महीनों के बाद मानसून ने राजस्थान से ली विदाई, जानें कहां कितनी हुई बारिश

3 महीनों के बाद मानसून ने राजस्थान से ली विदाई, जानें कहां कितनी हुई बारिश  3 महीनों के बाद मानसून ने राजस्थान से ली विदाई, जानें कहां कितनी हुई बारिश Prabhatkhabar 2020 06 6e897f01 7b84 40e8 8b79 29c24cd0e033 17b0a415 eb6c 4967 b859 165cbf137c39

प्रदेश से 3 महीने 13 दिनों के बाद मानसून ने विदाई ले ली है. इस साल पश्चिमी राजस्थान से मानसून ने 24 जून को दस्तक दी. शुरूआती दो महीनों की कमजोरी के बाद प्रदेश में मानसून जमकर बरसा.

3 महीनों के बाद मानसून ने राजस्थान से ली विदाई, जानें कहां कितनी हुई बारिश prachina in article 1

प्रदेश में इस साल मानसून सीजन में 449.8 एमएम बारिश दर्ज की गई, जो औसत से 8 फीसदी रही. वेस्ट राजस्थान में औसत से 27 फीसदी अच्छी बारिश दर्ज की गई तो वहीं ईस्ट राजस्थान में औसत से माइनस 2 फीसदी बारिश दर्ज की गई.

 

मुख्य बिंदु

  • 3 महीने 13 दिनों के बाद मानसून ने प्रदेश से ली विदाई
  • 24 जून को पश्चिमी राजस्थान से मानसून ने किया था प्रवेश
  • प्रदेश में इस साल 449.8 एमएम बारिश की गई दर्ज
  • इस मानसून सीजन में औसत से 8 फीसदी रही अच्छी बारिश
  • ईस्ट राजस्थान में 593 एमएम बारिश दर्ज, औसत से 2 फीसदी कम
  • वेस्ट राजस्थान में 335.7 एमएम बारिश दर्ज, औसत से 27 फीसदी ज्यादा

प्रदेश में इस साल मानसून ने पश्चिमी राजस्थान के रास्ते 24 जून को दस्तक दी और महज 2 दिनों में ही मानसून पूरे प्रदेश में छा गया हालांकि इस साल मानसून ने दो दिनों की देरी से दस्तक दी. शुरूआती दौर में प्रदेश में मानसून कमजोर बना रहा. जून और जुलाई में जहां औसत से करीब 25 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई लेकिन अगस्त और सितम्बर में मानसून ने जोर पकड़ा और पूरे प्रदेश में जमकर बारिश दर्ज की गई हालांकि इस साल अलवर, बारां, धौलपुर, झुंझनूं, बूंदी, टोंक में औसत से कम बारिश दर्ज की गई. इन जिलों में औसत से करीब 20 फीसदी से ज्यादा कम बारिश दर्ज की गई.

 

मुख्य बिंदु

  • प्रदेश के 17 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज
  • अलवर, बारां, धौलपुर, झुंझनूं, बूंदी, टोंक सबसे कम बारिश दर्ज
  • इन जिलों में औसत से करीब 20 फीसदी तक हुई कम बारिश
  • तो वहीं 16 जिलों में औसत से अच्छी बारिश की गई दर्ज
  • सबसे ज्यादा जोधपुर में औसत से 60 फीसदी बारिश की गई दर्ज

मौसम विभाग जयपुर निदेशक आरएस शर्मा ने बताया कि “प्रदेश में मानसून ने दो दिनों की देरी से 24 जून को दस्तक दी. शुरुआती दो महीनों में मानसून कमजोर रहा लेकिन अगस्त और सितम्बर में प्रदेश में जमकर बारिश दर्ज की गई. 6 ऐसे जिले रहे, जहां औसत से करीब 20 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते इन जिलों में अभी भी लोगों को गर्मी और उमस सता रही है.”

मौसम विभाग जयपुर निदेशक आरएस शर्मा ने बताया कि “इस साल जहां दो दिनों की देरी से मानसून ने प्रदेश में दस्तक दी तो वहीं इसकी विदाई भी 10 दिनों की देरी से शुरू हुई. बीते कुछ सालों में जहां 17 सितम्बर से पश्चिमी राजस्थान से मानसून विदा होने लगता है, वहां इस साल इसकी विदाई तिथि पश्चिमी राजस्थान से 28 सितम्बर रही तो वहीं अमूमन प्रदेश से 28 सितम्बर तक मानसून विदा हो जाता है लेकिन इस साल ये 8 दिनों की देरी के साथ 6 अक्टूबर को विदा हुआ है.”

बहरहाल, साल 2020 में साल 2019 के मुकाबले कम बारिश दर्ज की गई लेकिन मौसम विभाग की अगर माने तो अक्टूबर के अंत में और नवम्बर के मध्य तक कम दबाव का क्षेत्र बनने के भी आसार है. इस दौरान पोस्ट मानसून की बारिश भी कई जिलों दर्ज होने की उम्मीद है.

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