एम्बुलेंस और चिकित्सकों ने घायलों को बनाया फुटबॉल , एक की गई जान

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बीकानेर। कोरोना काल में 108 एम्बुलेंस व स्वास्थ्यकर्मी अपने द्वारा दी गई सेवाओ से रियल लाइफ हीरो बनकर उभरे है, पूरा विश्व इन सब को सेल्यूट कर रहा है । लेकिन इन सब के बीच जिले के लूणकरणसर क्षेत्र में इस पेशे (सेवा) पर दाग लगने की गम्भीर खबर सामने आ रही है, जिसने मानवीय संवेदना को ताक पर रखकर इस पेशे (सेवा) को शर्मसार कर दिया, यंही नही इस लापरवाही में एक घायल की जान भी चली गई ।

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जानकारी के अनुसार रविवार देर रात्रि लूणकरणसर क्षेत्र में अर्जनसर पल्लू सड़क मार्ग पर हुए हादसे में घायल हुए दो लोगों को 108 एम्बुलेंस लेकर अस्तपाल टू अस्पताल घूमती रही किसी ने भी प्राथमिक उपचार तक नहीं किया। एम्बुलेंस चालक घायलों को महाजन से वापस पल्लू अस्पताल लेकर गया जहां एक घायल ने दम तोड़ दिया है। बता दें कि अर्जनसर पल्लू सड़क मार्ग पर एक बाइक कार से टकराई थी जिससे बाइक सवार दो लोग घायल हो गए थे। मौके पर पहुँचे लोगों ने टोल फ्री नंबर 108 पर फोन कर एम्बुलेंस को बुलाया घटना के तकरीबन एक घंटे बाद 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुँची ओर घायलों को अर्जनसर अस्पताल लेकर गई। वहां किसी चिकित्साकर्मी के नहीं होने से दोनों घायलों को महाजन सीएचसी लाया गया तो यहां तैनात कार्मिकों ने घायलों को एम्बुलेंस के अंदर ही चेक किया और बजाय प्राथमिक उपचार के पैर फैक्चर होने का कहकर बीकानेर ले जाने की सलाह दे डाली। अब एम्बुलेंस चालक ने बीकानेर ले जाने से यह कहते हुए मना कर दिया कि गाड़ी में तैल कम है। दोनों घायल एम्बुलेंस में दर्द से कहरा रहे थे और इस हालात में तकरीबन 40 मिनट की बहस के बाद एम्बुलेंस चालक दोनों घायलों को वापस पल्लू ले गया। करीब चार घण्टे बिना इलाज के एम्बुलेंस में पड़े रहने से 55 वर्षीय भागनाथ निवासी चाढ़सर की मौत हो गई।

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