अगर आप चुग्गा डाल रहे हैं तो रहे सावधान, बर्ड फ्लू का खतरा

अगर आप चुग्गा डाल रहे हैं तो रहे सावधान, बर्ड फ्लू का खतरा  अगर आप चुग्गा डाल रहे हैं तो रहे सावधान, बर्ड फ्लू का खतरा dshdbsd

अगर आप चुग्गा डाल रहे हैं तो रहे सावधान, बर्ड फ्लू का खतरा mr bika fb post

बर्ड फ्लू इन्फ्लूएंजा वासयस के कारण होता है। यह रोग होने पर सामान्य रूप से बदन दर्द, जुकाम, खांसी आदि लक्षण दिखाई देते है। इस रोग का पता लगाने के लिए जांच कराना जरूरी है। इसमें एक तरह से निमोनिया होता है। इसमें मृत्यु दर 60 प्रतिशत तक है। जबकि कोरोना में यह दर 1 से 2 प्रतिशत ही है। यह रोग मुख्य रूप से पक्षियों व मुर्गियों आदि से मनुष्य में आता है। मनुष्य के संक्रमित होने पर यह तेजी से फैल सकता है। इससे बचाव के लिए मुंह व नाक को ढककर रखना, बार-बार हाथ धोना, संक्रमित पक्षियों वाले स्थल पर नहीं जाना, मांस का सेवन नहीं करना चाहिए।

अगर आप चुग्गा डाल रहे हैं तो रहे सावधान, बर्ड फ्लू का खतरा prachina in article 1

यह करना होगा चुग्गा डालने वालों को

-पक्षियों को चुग्गा डालते समय हाथों में गलव्ज पहने

-पक्षियों से 20 से 30 फीट की दूरी रखे

-दाना डालने के बाद घर आते ही जूतों को पानी से धोना जरूरी

-मुंह पर मास्क पहनकर ही दाना डालना चाहिए

-मृत पक्षियों को हाथ नहीं लगाना

ऐसे फैलता है रोग

-रोगी पक्षी की लार, नाक/आंख के स्राव व बीट से

-रोगी पक्षी के सीधे सम्पर्क से अथवा संक्रमित बीट, आंख/नाक के स्रोव के सम्पर्क में आए व्यक्ति, आहार, पानी व उपकरणों से

-रोगी व्यक्ति के छींकने, खांसने व उससे हाथ आदि मिलाने से

पक्षी में रोग के लक्षण

-अचानक अधिक संख्या में पक्षियों की मौत होना (100 प्रतिशत तक)

-पक्षी सुस्त होकर खाना-पीना बंद कर दे

-अण्डा उत्पादन में अत्यधिक कमी

-पक्षी के तीव्र जुकाम तथा आंख व नाक में स्राव

-पक्षी की सिर व गर्दन पर सूजन

-कलंगी व लटकन पर सूजन व नीलापन

 

COMMENTS