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हाथ का हुनर महिलाओं के रोजगार के लिये श्रेष्ठ साधन-ए.के तिवारी

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ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय स्टेट बैंक के सामजिक उतरदायित्व के अंतर्गत संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बीकानेर में राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद द्वारा स्वयं सहायता समूह तथा उनके परिवार के सदस्यों द्वारा प्रायोजित ब्यूटी पार्लर प्रबन्धन के कार्यक्रम का सोमवार को आरसेटी परिसर, में समापन हुआ ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि  भारतीय रिजर्व बैंक, जयपुर के अखिलेश तिवाड़ी थे।  कार्यक्रम की  अध्यक्षता जिला अग्रणी कार्यालय के मुख्य  प्रबन्धक योगेन्द्र सिंह सोलंकी ने की । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक रमेश ताम्बिया, आर.एम.जी.बी बैंक के क्षेत्रीय प्रबन्धक समुन्द्रसिंह गहलोत थे।
इस अवसर पर  प्रशिक्षण कार्यक्रम के मूल्याङ्कन हेतु जगदीश नारायण, निदेशक जैसलमेर आरसेटी भी मोजूद थे।  संस्थान के निदेशक लालचंद वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया । कार्यक्रम समन्वयक  संस्थान अनुदेशक श्रीमती शशिबाला शर्मा  द्वारा ब्यूटी पार्लर प्रबन्धन कार्यक्रम में प्रशिक्षण की विषय वस्तु से अवगत करवाते हुए बताया की इस कार्यक्रम में ब्यूटी पार्लर प्रबन्धन हेतु नवीनतम तकनीक के व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ साथ समय प्रबन्धन, प्रभावशाली संवाद, उद्यमशील व्यक्ति के मूल मन्त्र से प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी। उन्हांेने बाजार सर्वेक्षण के साथ-साथ इकाई भ्रमण के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण  दिया गया था ।
इस पर अतिथियों  समक्ष प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव को सांझा करते हुए बताया की इस कार्यक्रम के माध्यम से हमें व्यावहारिक जीवन की जीने की कला एवम उसकी उपयोगिता के साथ हमें व्यापार सम्बन्धी उपयोगी ज्ञान की जानकारी संस्थान से प्राप्त हुई।  मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा की आरसेटी वर्तमान में  सामाजिक विकास के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।  साथ ही उन्होंने कहा कि संस्थान  स्थानीय मांग के अनुसार रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाते है, ऐसे में हाथ को कुशल करके अपने हुनर के माध्यम से स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकते है, जो विशेष कर महिलाओं के लिए आजीविका के रूप में सबसे श्रेष्ठ साधन है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सोलंकी ने बताया की प्रशिक्षण पश्चात लाभार्थी बैंक से विभिन्न सरकारी योजना जैसे मुद्रा योजना इत्यादि  के अंतर्गत ऋण लेकर स्वंय का व्यापार स्थापित कर   सकते । नाबार्ड के ताम्बिया  एस.एच.जी समूह हेतु बैंक प्रणाली तथा नाबार्ड द्वारा ई-शक्ति योजना के बारे में जानकारी दी।  साथ आर.एम.जी.बी के समुन्द्र सिंह द्वारा  बैंक ऋण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जानकारी देते हुए बैंकिंग सुविधा एवम डिजिटल तकनीकी से बैंकिंग की सुलभता की महता पर प्रकाश डाला।  कार्यक्रम संचालनकर्ता सुश्री सना मिर्जा ने किया। आगामी होने वाले कंप्यूटर हार्डवेयर इत्यादि अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी।, प्रशिक्षण कार्यक्रम में समस्त प्रायोगिक कार्य श्रीमती मोहिनी खत्री दिया गया।

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