बीकानेर

भाटी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख चेताया , निर्णय वापिस नहीं लेने पर जताया रोष

बीकानेर पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी द्वारा राज्य सरकार के द्वारा गोचर , औरण के कब्जाधारियों को पट्टे जारी करने के निर्णय के खिलाफ बेमियादी धरना 41 में दिन भी जारी रहा । धरना स्थल पर गीतासार व गौ कथा का वाचन बिहारी द्वारा किया जा रहा है । आज धरना स्थल पर महंत देवनाथ जी महाराज बेलासर ने गोचर आन्दोलन को समर्थन देने धरना स्थल पर पहुंचे व भाटी को मंत्रोच्चारण कर आशीर्वाद दिया । पूजादेवी नारायण सोनी दम्पति द्वारा गोचर दोधार निर्माण के लिए 51 सौ रुपये व चांदी की गाय की प्रतिमा भेंट की ।

भाटी प्रवक्ता सुनील बांठिया ने बताया कि गोचर धाम में चल रही गौ कथा में आज मुख्य यजमान का दायित्व पूजा देवी नारायण सांनी दम्पति ने निभाया कथा का पूजन पंडित शास्त्री रवि सारस्वत व संत मनुजी महाराज द्वारा करवाया गया । आज कथा में सातवे दिन बालसंत श्री बिहारी जी ने कहा कि जीवन को शुद्ध एवं संस्कारित करने वाली गौ माता सनातन जगत में एक पूजनीय व अमूल्य धरोहर है । गी माता व गोचर के इतिहास में देवी सिंह भाटी के प्रयास इतिहास बन गये है । इस आन्दोलन से गौ भक्तों का जुदाव भाटी एवं गाय के प्रति लोगों की लोकप्रियता दर्शाता है ।

कथा के बाद पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने गौ भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बीकानेर में गोचर की दीवार बनाने का कार्य शुरू होने पर राजस्थान के अनेक जिलों में गो भक्तों ने प्रेरणा लेकर गोचर की दीवार का निर्माण का कार्य शुरू किया । भाटी ने बताया कि गोचर के लिए प्रवासी भी सेवा कार्य में जुड़े हुए है । आज से दस वर्ष पूर्व सुरत सेवा समिति रामेश्वर तापड़िया , राम जी चांडक , रामरतन भूतड़ा व बालकिशन राठी सहित समिति के पदाधिकारियों ने गोचर भूमि में सेवण घास के साथ अन्य निर्माण कार्य करवाया ।

भाटी ने कहा कि ऐसे लोगों से प्रेरणा लेकर राजस्थान के अन्य जिलों में भी गो भक्त इसके लिए सक्रिय हुए हैं । भाटी ने कहा कि हमारे शास्त्र कहते है कि गोचर में कब्जे करने वालों की 21 पीढ़ियों को इसका श्राप लगता है । आज पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र भेजकर पूर्व में भेजे गये पत्रों का हवाला देते हुए गोचर के संबंध में अपना निर्णय वापिस नहीं लेने पर रोष जताया ।

भाटी ने कहा कि सरकार द्वारा वर्तमान में माननीय न्यायालय के निर्णय के बावजूद इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है । उन्होंने कहा कि इसके विरोध स्वरूप एक गौ भक्त विधान सभा सत्र के दौरान विधान सभा परिसर में देह त्याग करेगा । जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी । बीकानेर जिले के बाहर से आये गीभवतों का अभिनन्दन अंशुमान सिंह भाटी युवा नेता , देवकिशन चांडक समाजसेवी प्रजनन किराहू ने किया । आज धरना स्थल पर मुख्य रूप से मांगुसिंह भाटी गोविन्दसर ,माधोसिंह भाटी गोविन्दसर करणीसिंह बिठनोक , जेठाराम नाई हाडला , संतोष कुमार जागिड़ नवलगढ़ , हरिसिंह बडगुजर , पूर्व पार्षद ओम सोनी , समाजवादी नेता नारायण दास रंगा , सहित सैकड़ों लोग के अलावा शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों से पुरुष व महिलओं का जत्था भाटी को समर्थन देने पहुंचे ।

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