राजस्थान के शिक्षकों के लिए होश उड़ाने वाली बड़ी खबर

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सरकारी स्कूलों की बोर्ड परीक्षा में कम परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों और संस्था प्रधानों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है, जिनका दसवीं एवं बारहवीं का परीक्षा परिणाम कम रहा है। इन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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गौरतलब है कि शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में संस्था प्रधान को 12वीं कक्षा का बोर्ड परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत और 10वीं का 50 प्रतिशत परीक्षा परिणाम आना ही चाहिए यदि ऐसा नहीं होता तो संबंधित संस्था प्रधान को सेवा नियम सीसीए 17 में आरोपित किया जाता है और इस आरोप का जवाब आने व निर्णय होने तक आरोपित की पदोन्नति और एसीपी रुकी रहती है। हालांकि निर्धारित से अधिक नामांकन कराने वाले संस्था प्रधान, व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक का परीक्षा परिणाम न्यूनतम से 10 प्रतिशत कम रहने पर भी आरोप पत्र नहीं मिलेगा।

शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल के सकल परिणाम के साथ संबंधित विषय अध्यापकों के लिए परिणाम का मापदंड निर्धारित किया है। जिसके तहत दसवीं में हर विषय में कम से कम 60 प्रतिशत एवं 12वीं में 70 प्रतिशत परिणाम होना अनिवार्य है। इससे कम परिणाम रहने पर शिक्षकों को भी 17 सीसीए का नोटिस दिया

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