बीकानेर :घने कोहरे के बीच भारत पाक सीमा पर मध्य रात्रि जवानों की बैटन रिले दौड़

बीकानेर :घने कोहरे के बीच भारत पाक सीमा पर मध्य रात्रि जवानों की बैटन रिले दौड़  बीकानेर :घने कोहरे के बीच भारत पाक सीमा पर मध्य रात्रि जवानों की बैटन रिले दौड़ hgy

बीकानेर :घने कोहरे के बीच भारत पाक सीमा पर मध्य रात्रि जवानों की बैटन रिले दौड़ mr bika fb post

जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, वैसे-वैसे गर्म कपड़ों से बाहर हाथ निकालने में दिक्कत हो रही है लेकिन सैकड़ों किलोमीटर लंबे भारत पाकिस्तान के बॉर्डर पर आधीरात को देश का जवान रिले रेस दौड़ रहा है। इसलिए नहीं कि उसे कोई मैडल जीतना है बल्कि इसलिए कि कुछ फर्लांग दूरी पर बैठे पाकिस्तानी जवान को दिखा सकें कि हमारे हौंसलों में कितना दम है। रविवार की देर बारह करीब एक बजे सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने राष्ट्रभाव से भरे जज्बातों के साथ रिले रेस की, सैकड़ों की संख्या में जवान जीरो लाइन के पास दौड़ते नजर आये। हर कोई चार सौ से पांच सौ मीटर दौड़ने के लिए बैटन को हाथ में लेने के लिए लालायित नजर आया।

बीकानेर :घने कोहरे के बीच भारत पाक सीमा पर मध्य रात्रि जवानों की बैटन रिले दौड़ prachina in article 1

बीएसएफ के डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह ने खाजूवाला के पास कावेरी सीमा चौकी पर इस बैटन रिले रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेस में करीब आठ सौ पुरुष व महिला जवान हिस्सा ले रहे हैं। रेस में बीएसएफ के सामान्य जवान से लेकर कमांडेंट तक सभी ने बारी बारी से बैटन टॉर्च को हाथ में लेकर दौड़ लगाई। यह दौड़ खाजूवाला से अनूपगढ़ सेक्टर के कैलाश पोस्ट तक चली डीआईजी पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि यह दौड़ दुश्मनों को बता देगा कि भारतीय जवान के हौंसले कितने मजबूत है।

धूंध के बीच दौड़े जवान

खाजूवाला से अनूपगढ़ के बीच पूरे रास्ते गहरा कोहरा रहा। इस बीच जवान अपनी नियमित वर्दी में दौड़ते नजर आये। हर कोई हाथ आगे बढ़ाकर बैटन टॉर्च को अपने हाथ में लेने को उत्साहित था। कोहरा इतना ज्यादा था कि सौ मीटर तक कोई नजर नहीं आ रहा था। बीएसएफ के वाहन भी इस दौरान साथ साथ चल रहे थे।

COMMENTS