भुजिया नगरी के नाम से मशहूर बीकानेर में अब भुजिया के भाव में उछाल आ गया

भुजिया नगरी के नाम से मशहूर बीकानेर में अब भुजिया के भाव में उछाल आ गया  भुजिया नगरी के नाम से मशहूर बीकानेर में अब भुजिया के भाव में उछाल आ गया Bikaner popularly known as Bhujia Nagari has now seen a surge in the price of Bhujia

बीकानेर. भुजिया नगरी के नाम से मशहूर बीकानेर में अब भुजिया के भाव में उछाल आ गया है। भुजिया बनाने में काम आने वाले मूंगफली तथा अन्य खाद्य तेलों के दाम बढऩे तथा मोठ मोगर की आपूर्ति कमजोर होने से लागत बढ़ी है। व्यापारियों ने बीस से चालीस रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से भुजियों के भाव बढ़ा दिए हैं।बीकानेर के बाजार में मार्च के पहले सप्ताह तक भुजिया के भावों में कोई तेजी नजर नहीं आ रही थी। बाद में चौबीस मार्च को लॉकडाउन लागू होने से अन्य व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ भुजियों की भट्टियां बंद गई थी। गत चार दिनों से लॉकडाउन में ढिलाई के बाद भुजियों की भट्टियां चेतन हो गई है। इसके साथ ही व्यापारियों ने भुजियों के भावों में तेजी लाने का फैसला कर लिया है।

बीस से चालीस रुपए प्रति किलो बढ़े दाम

जो व्यापारी मूंगफली तेल से भुजिया बनाते हैं। उन्होंने प्रति किलोग्राम में चालीस रुपए तक बढ़ा दिए हैं। जो व्यापारी भुजिया बनाने में अन्य तेलों का उपयोग करते हैं उन्होंने बीस से तीस रुपए प्रति किलो रेट बढ़ाया है। ऐसे में अब भुजिया डेढ़ सौ रुपए से लेकर दौ सो रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया हैं।

चार सौ रुपए टिन महंगा

इस समय मूंगफली की आवक नहीं होने तथा मांग के अनुसार तेल आपूर्ति नहीं होने से तेल के दाम में तेजी आई है। इस समय मूंगफली तेल 2200 रुपए प्रति टिन बिक रहा है। मार्च के पहले सप्ताह में मूंगफली टिन की कीमत 1750 से 1800 रुपए थी। बीकानेर से प्रतिदिन पच्चीस से तीस टन मूंगफली तेल गुजरात भेजा जा रहा है। इस वजह से भी भावों में उछाल आया है।

मोठ मोगर भी चमका
कच्चे माल की आपूर्ति कमजोर होने एवं दाल मिलें बंद होने के कारण भुजिया व्यापारियों को मोठ मोगर भी मांग के अनुसार नहीं मिल रहा है। भुजियों के भाव बढ़ाने में एक कारण यह भी रहा है। मोठ मोगर इस समय 90 से 95 रुपए प्रति किलो चल रहा है। जबकि मार्च के पहले सप्ताह में 75 से 80 रुपए प्रति किलो था।

मोठ मोगर की फसल कमजोर
मोठ मोगर की फसल कमजोर हो गई थी। साथ ही लॉकडाउन होने के कारण माल की आपूर्ति नहीं हुई। अनाज मंडी में हड़ताल से भी दाल और तेल मिलें शुरू नहीं हो पाई। इसके कारण मोठ में उछाल आ गया।

– डीपी पच्चीसिया, अध्यक्ष बीकानेर जिला उद्योग संघ

मूंगफली नहीं आ रही

इस समय सीजन नहीं होने से मंडी में मूंगफली की आवक बंद है। साथ ही नैफेड ने भी मूंगफली बेचना बंद कर दिया है। मूंगफली दाना टैस्टिंग लैब बंद होने से तेल उत्पादन में परेशानी हो रही है। बीकानेर में चार तेल मिलों में ही इस समय मूंगफली तेल का उत्पादन हो रहा है।

जयचंद सेठिया, संचालक तेल मिल

तेल और मोठ के भाव तेज
मूंगफली तेल और मोठ मोगर के भावों में तेजी आने से भुजियों के भावों को बढ़ाना मजबूरी हो गया। भविष्य में तेल और मोठ के भाव रहेंगे, उसके अनुरूप भुजिया के भावों को कम करने पर विचार किया जाएगा।
– भीखाराम अग्रवाल, भुजिया व्यापारी

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