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ब्रह्मा दादा का निर्वाण दिवस धुमधाम से मनाया गया

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बीकानेर , पुष्करणा समाज की आचार्य जाति के उत्त्पत्तिकत्र्ता ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 महापुरुष कर्मकाण्डी राजस्थानी, हिन्दी, अरबी, फारसी, उर्दू विषयों के ज्ञाता, माँ गायत्री के परम उपासक ब्रह्मदत्त जी आचार्य (ब्रह्मा दादा) का निर्वाण दिवस धरणीधर महादेव मंदिर परिसर स्थित ब्रह्म दादा के मन्दिर ब्रह्मगढ़ में माघ शुक्ला सप्तमी एक फरवरी वार शनिवार को धार्मिक रीतिरिवाजों के साथ धुमधाम के साथ मनाया गया। जिसमें बीकानेर में रहने वाले आचार्य जाति के पुरुष, महिलाऐं व बच्चों ने भारी संख्या में ब्रह्मगढ़ मन्दिर में ब्रह्मादादा की पूजा अर्चना की व प्रसाद ग्रहण किया।
यह जानकारी देते आचार्य श्री धरणीधर ट्रस्ट के सचिव जितेन्द्र आचार्य ने बताया कि श्री श्री 1008 ब्रह्मदत्त जी आचार्य (ब्रह्मा दादा) का जन्म जूनागढ़ में हुआ था। ब्रह्मदत्त जी ने पूरे देश में धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया तथा विदेशों में भी घूम-घूम कर सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार किया। बाद में जैसलमेर के किले में साधना करते-करते जीवित समाधि ली थी, उस जगह पर आज भी लक्ष्मीनाथ मन्दिर परिसर के पास “ब्रह्मा दादा की समाधि” नाम से मन्दिर है जिसमें पर्यटन विभाग ने उनका पूरा इतिहास लिखा है। उस मन्दिर को देखने हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते है।
धरणीधर महादेव मन्दिर परिसर में निर्वाण दिवस धुमधाम से मनाया गया। परे मन्दिर परिसर में रंग-रोगण करके रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। ब्रह्मगढ़ मन्दिर के व्यवस्थापक कपिल हर्ष ने बताया कि धरणीधर महादेव मन्दिर परिसर के ब्रह्मगढ़ मन्दिर में बेर, रेवड़ी, गजक का प्रसाद अर्पित किया गया। प्रत्येक पुष्करणा समाज की आचार्य जाति के लोग देश-विदेश में जहां भी निवास करते है प्रत्येक के घर के आंगन में सफेद मिट्टी से (ब्रह्मा दादा) की प्रतीकात्मक आकृति बनाकर उस पर प्रसाद अर्पित किया गया। हर घर में लापसी, चावल, दाल का प्रसाद बनया गया। सभी परिवारजन सामूहिक रूप से ब्रह्मा दादा की पूजा अर्चना करके प्रसाद ग्रहण किया। महाआरती और श्रृंगार व प्रसाद ग्रहण करते है। समस्त आचार्य जाति के परिवारों के सदस्य धरणीधर मन्दिर ब्रह्मा दादा का दर्शन करने पहुँचे। औरते घूंघट निकालकर पूजा अर्चना की, मन्दिर स्थल पर भारी संख्या में दर्शन करने के लिए आचार्य जाति के लोग पहुंचे।
ब्रह्मा दादा मन्दिर में मेला स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने में दुर्गाशंकर, नरेश आचार्य, नरेन्द्र, आनन्द जोशी, फूसाराम, गिरिराज, सुनील, जयकिशन, दीपक, पिन्टा महाराज, भास्कर, गेवरचन्द, मंयक आचार्य, पेन्टर नवीन, एस.एन.आचार्य सहित धरणीधर ट्रस्ट, सनातन धर्म सत्संग मंडल, धूमावती माता ट्रस्ट, श्री जी उपासना संगम, धरणीधर भक्त मण्डल के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने मेला स्थल पर व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग किया गया। मुख्य पूजन डाॅ. पं. घनश्याम आचार्य एवं समाजसेवी रामकिसन आचार्य के सानिध्य में किया गया। धरणीधर महादेव मन्दिर परिसर में स्थित ब्रह्मगढ़ मन्दिर में ब्रह्मादादा निवास स्थल पर ओ.टी.एस.. के अतिरिक्त निदेशक श्रीमान शिशिर चतुर्वेदी व पूर्व उपमहापोर अशोक आचार्य, एडवोकेट हीरालाल हर्ष, शिक्षाविद् सुभाष जोशी, ज्योतिषाचार्य गिरिश आचार्य, दिनेश चूरा, बृजगोपाल बिस्सा, मनमोहन पुरोहित, एडवोकेट श्रीकान्त व्यास विशेष रूप से उपस्थित थे।

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