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राज्य सड़क सुरक्षा दिवस पर यातायात नियमों की पालना पर हुआ मंथन

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बीकानेर। हमारे देश में प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं। इनमें से लगभग डेढ़ लाख को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं वाहन चालक की लापरवाही, ओवरटेक, हेलमेट नहीं लगाने अथवा सीट बेल्ट नहीं बांधने, तेज स्पीड अथवा शराब पीकर वाहन चलाने या यातायात के अन्य नियमों की अवहेलना के कारण होती हैं।

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वर्ल्ड रिमेंबरेंस डे को राज्य सड़क सुरक्षा दिवस के रूप में मनाते हुए रविवार को चुन्नीलाल सोमानी राजकीय ट्रॉमा सेंटर तथा परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह उद्गार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) अरुण प्रकाश शर्मा थे। उन्होंने कहा कि विश्व भर में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान जान गवाने वाले लोगों, घायलों अथवा इनसे प्रभावितों के प्रति संवेदना स्वरूप प्रतिवर्ष नवंबर के तृतीय रविवार को वर्ल्ड रिमेंबरेंस डे के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाएं हम सभी के लिए चिंताजनक हैं। इनसे बचाव के लिए यातायात नियमों की पालना करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। ऐसा करते हुए हम अपनी और दूसरों के जीवन की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर जागरूकता के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह कार्यक्रम तभी सार्थक होंगे जब प्रत्येक व्यक्ति इनकी पूर्ण अनुपालन करेगा।

पीबीएम अस्पताल के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार लूणिया ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त लोगों के जीवन की रक्षा के लिए ट्रॉमा सेंटर प्रतिबद्धता के साथ काम करता है। इसके बावजूद हमें यह प्रयास करना चाहिए कि हम यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करें जिससे सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ पी एल खजोटिया ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशा अनुसार सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सड़क प्रबंधन, सुरक्षित वाहन तथा प्रशिक्षित वाहन चालक की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा एक्सीलेंस सेंटर का दर्जा मिला है। गत 5 वर्षों में ट्रॉमा सेंटर द्वारा 10 लाख से अधिक मरीजों को राहत पहुंचाई गई है तथा 16 हजार से अधिक ऑपरेशन किए गए हैं। यातायात पुलिस के उपाधीक्षक दीपचंद ने यातायात नियमों की अवहेलना से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। ट्रॉमा सेंटर के सीएमओ डॉ. एल.के. कपिल ने सड़क दुर्घटना ग्रस्त लोगों की जीवन रक्षा में ट्रोमा सेंटर की भूमिका, परिवहन विभाग के सुनील कुमार ने सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं से बचाव तथा डॉ. रामस्वरूप ज्याणी ने सड़क दुर्घटनाओं में बचाने वाले प्राण (गुड सेमरटियन) विषय पर प्रस्तुतिकरण दिया। वरिष्ठ लेखक एवं समीक्षक अशफाक कादरी ने कार्यक्रम का संयोजन किया तथा सड़क सुरक्षा की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। अधीक्षक परिवहन अधिकारी ओपी मारू ने आगंतुकों का आभार जताया तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में बताया।

सम्मानित हुए प्रेरक एवं सहयोगी, दुर्घटना प्रभावितों ने दिया यातायात नियमों की पालना का संदेश
सड़क दुर्घटनाओं में दुर्घटनाग्रस्त लोगों के जीवन की रक्षा करने वाले तथा उन्हें अविलंब अस्पताल पहुंचाने वाले प्रेरक लोगों का कार्यक्रम के दौरान सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में मारवाड़ जन सेवा समिति के रमेश व्यास तथा हरी किशन राजपुरोहित एवं असहाय सेवा संस्थान की राजकुमार खडगावत एवं ताहिर हुसैन सम्मिलित रहे। इसी प्रकार ट्रॉमा सेंटर में आपातकालीन सेवाएं देने पर नर्सिंग स्टाफ रवि आचार्य का सम्मान भी किया गया। वहीं सड़क दुर्घटना प्रभावित विक्रम सिंह, डॉ चंदन सिंह, आरती कल्ला और हरि सिंह राजपुरोहित ने अपने अनुभव साझा किए तथा यातायात नियमों की पालना का संदेश दिया। विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गवाने वाले दिवंगत लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
कार्यक्रम में डॉ. बी. एल. चोपड़ा, डॉ अजय कपूर सहित परिवहन विभाग एवं पीबीएम अस्पताल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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