राजस्थान

CM गहलोत ने विधानसभा में वित्त और विनियोग विधेयक पर जवाब , की ये बड़ी घोषणाएं

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा में वित्त और विनियोग विधेयक पर हुई बहस का जवाब दिया। इस दौरान गहलोत ने बड़ी घोषणाएं भी की और उसके बाद बजट को पारित कर दिया गया।

की ये बड़ी घोषणाएं

  • एक अप्रेल 2004 और उसके बाद कर्मचारियों के वेतन से की जाने वाली 10 फीसदी कटौती को समाप्त करने की घोषणा
  • अब 1 अप्रेल 22 से बढा हुआ वेतन मिलेगा, पुरानी कटी हुई राशि भी रिटायरमेंट पर मिल जाएगी।
  • गोचर भूमि विकास बोर्ड का गठन
  • जयपुर में पशुओं के लिए आधुनिक लैब की स्थापना
  • सभी सीआई स्तर के थानों में पदोन्नत
  • सहायक उपनिरीक्षकों के दो हजार पदों की घोषणा
  • 2 हजार अतिरिक्त होमगार्डो को कानून व्यवस्था में लगाएंगे
  • घनी आबादी में बनी हुई जेलों को स्थानांतरित करेंगे
  • हर ग्राम पंचायत पर ग्राम सभा होगी। इसमें योजनाओं का जानकारी देंगे
  • पत्रकारों के बच्चों के लिए फी्र मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप मिलेगी
  • राजस्थान सोसायटी एक्ट में संशोधन की घोषणा
  • विभागीय स्तर पर डीपीसी की बैठक की सुनिश्चितता
  • पेंशनर्स के परिवार के सदस्यों के लिए चिकित्सा सुविधा
  • मैडल धारकों के लिए सम्मान राशि की बढ़ोत्तरी
  • 9 से 12 वीं कक्षा तक ई लाइब्रेरी
उन्होंने कहा कि आंकड़ों के आधार पर बजट बनते हैं बीजेपी और कांग्रेस के राज में आंकड़े बनाने वाले वही लोग होते हैं जो सरकार की इच्छा शक्ति होती है उसको आंकड़ों के जरिए प्रकट किया जाता है। मुख्यमंत्री गहलोत ने नेता प्रतिपक्ष की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि आपने तो पत्थर में भी जान डाल दी है, आप यह आंकड़े कहां से लाते हो। बीजेपी और कांग्रेस के शासन की तुलना करेंगे अब रात दिन का फर्क है। जो वादे हम ने बजट में किए हैं उनकी प्रशासनिक स्वीकृति हमने जारी कर दी है।विपक्ष के लोग कहते हैं कि बजट का क्या होगा, पैसा कहां से आएगा, योजना कैसे लागू होगी यह सब जानबूझकर बोल रहे हो। भाजपा की तो इस मामले में मार्केटिंग करने की मास्टरी है कांग्रेस मार्केटिंग नहीं करती है बल्कि काम करती है।मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मेरी पार्टी के लोग कहते हैं कि गुलाबचंद कटारिया अच्छा बोलते हैं लेकिन कई बार बोलते बोलते भावुक हो जाते हैं।गहलोत ने कहा कि हमने 21. 22 में शानदार बजट पेश किया है। विपक्ष को चिंता रहती है कि बजट कैसे लागू होगा, विपक्ष की चिंता को देखते हुए मैंने सचिवालय में चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेट्री की बैठक लेकर बजट घोषणाओं के जल्द से जल्द क्रियान्वयन के आदेश दिए है । गहलोत ने विपक्ष से अपील की है कि विपक्ष को सहयोग करना चाहिए क्योंकि केंद्र सरकार का राज्यों के साथ भेदभाव का रवैया है
गहलोत ने कहा कि राजस्थान में 25 सांसद जिताकर भाजपा को दिए है लेकिन इसके बावजूद इसके कोई भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजस्थान के हिस्से में कुछ मांगने को तैयार नहीं है, केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा कम कर दिया गया है, विपक्ष को चाहिए कि वह हमारे साथ दिल्ली चलकर केंद्र सरकार से इस मामले में बात करें।लेकिन किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि सरकार से समय लेकर उनसे बात कर सके ।

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