राजस्थान में स्कूलें खुलने पर असमंजस बरकरार , गाइडलाइन पर मंथन जारी , पढे खबर

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जयपुर. कोरोना काल में केंद्र सरकार से स्कूल खोलने की मिली छूट के बाद राज्य सरकार भी इसे लेकर कवायद में जुटी है. शिक्षा विभाग (Education department) स्कूलों को फिर से खोले जाने को लेकर विचार मंथन कर रहा है. लेकिन दूसरी ओर अभिभावक किसी भी हाल में विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं. इसके साथ ही शिक्षक भी मौजूदा हालात को देखते हुए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की चिंता जता रहे हैं.

राजस्थान में स्कूलें खुलने पर असमंजस बरकरार , गाइडलाइन पर मंथन जारी , पढे खबर prachina in article 1

केंद्र सरकार ने अनलॉक-5 में 15 अक्‍टूबर से सभी स्‍कूल खोलने की छूट दे दी है. हालांकि राज्य सरकार की मौजूदा गाइडलाइन के मुताबिक 31 अक्टूबर तक स्कूल कॉलेजों को बंद रखा गया है. लेकिन इसके आगे स्कूल किस प्रकार खुलेंगे इसे लेकर शिक्षा विभाग विचार मंथन कर रहा है. शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की मानें तो इसे लेकर राज्य में भी गाइडलाइन तैयार करनी होगी. इस पर अधिकारियों से चर्चा की जा रही है.

मुख्यमंत्री से अंतिम स्वीकृति के बाद ही होगा निर्णय
मौजूदा समय में विभाग इसी कवायद में जुटा है कि स्कूल दोबारा खुलेगी तो फीस कैसे ली जाएगी और सिलेबस कितना होगा ? स्कूल में सोशल डिस्टेंस, मास्क और कोरोना से बचाव के लिए किस तरह से गाइडलाइन की पालना हो सकेगी. हालांकि शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल खोलने के दौरान इन सब बातों का पूरा ध्यान रखा जाएगा. अभिभावकों की सलाह के बाद ही तय किया जायेगा की स्कूल कब से खोले जायें. बकौल डोटासरा इस मामले में मुख्यमंत्री से अंतिम स्वीकृति के बाद ही कोई निर्णय होगा.

शिक्षक और अभिभावक फिलहाल इस री-ओपनिंग के पक्ष में नहीं हैं
एक तरफ राज्य में कोरोना संकट के बीच स्कूलों को दोबारा खोले जाने पर विचार मंथन किया जा रहा है तो दूसरी ओर ज्यादातर शिक्षक और अभिभावक फिलहाल इस री-ओपनिंग के पक्ष में नहीं हैं. शिक्षक संगठनों की मानें तो फिलहाल प्रदेश में कोरोना की स्थिति को देखते हुए किसी भी प्रकार से स्कूलों की री-ओपनिंग नहीं होनी चाहिए. शिक्षकों का कहना है कि 21 सितंबर से गाइडेंस के लिए स्वीकृति मिलने के बाद भी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं.

संक्रमण को लेकर खतरा और आशंका
राजस्थान कर्मचारी एवं पंचायत राज शिक्षक संघ के प्रवक्ता नारायण सिंह का कहना है कि 21 सितंबर से लेकर अब तक के वक्त में स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों की संख्या नगण्य रही है. अभिभावकों से बात करने पर सामने आया कि फिलहाल अभिभावकों के मन में संक्रमण को लेकर खतरा और आशंका बनी हुई है. प्रदेश में कोरोना से संक्रमितओं की संख्या डेढ़ लाख पहुंच चुकी है. इसी के कारण अभिभावकों का कहना है कि राज्य में कोरोना का संक्रमण का खतरा विद्यार्थियों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है.

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