राजस्थान में फिर बढ़ सकता है कोरोना का प्रकोप ,बचाव के लिए यह करें

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राजस्थान में कोरोना का खौफ जारी है. कोरोना के एक्टिव मामलों में थोड़ी गिरावट जरुर आई है लेकिन मौसम के बदलाव के साथ ही सूबे के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया ने इस तरफ इशारा कर दिया है कि आने वाले दिनों में कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं. दरअसल, गर्मी के बाद सर्दी के मौसम में जो अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है, उससे ये संभव है कि नवंबर या नवंबर खत्म होते होते दिसंबर में कोरोना के मामले बढ़ेंगे यानि अभी राजस्थान की आम आवाम को काफी समझदारी दिखानी होगी और ज्यादा सामाजिक मेलजोल से बचना होगा. साथ ही मास्क लगाकर ही कोरोना की चेन को रोकना होगा, इसीलिए राजस्थान सरकार मास्क अनिवार्यता को लेकर कानून भी लाने वाली है.

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राजस्थान के सीएम गहलोत का कहना है कि कोरोना से सतर्क रहने की जरूरत है. जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस इटली, स्पेन जैसे विकसित देशों में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आ गई है. लिहाजा इसके चलते वहां दोबारा लॉकडाउन लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

वहीं, मौसम के आए बदलाव से राजस्थान में लोग भी बीमारियों की जद में आ गए हैं. मौसमी बीमारियां प्रदेश में धीरे-धीरे पांव पैर पसार रही हैं. स्वाइन फ्लू, डेंगू, स्क्रब टाइफस समेत अन्य बीमारियां राज्य के कई हिस्सों में अपना असर दिखाने लगी हैं.

दरअसल, सर्दी बढ़ने के साथ ही सबसे बड़ा डर स्वाइन फ्लू का रहन वाला है. पिछले सालों के आंकड़े बताते हैं कि कैसे राजस्थान को कोरोना के साथ-साथ स्वाइन फ्लू से भी संभलकर रहना होगा. इसीलिए राज्य सरकार ने राज्य के सभी 33 जिलों में एक एक चिकित्सक को नोडल अधिकारी बनाते हुए ये जिम्मेदारी दी है कि आने वाले दिनों में जो मौसमी बीमारी और स्वाइन फ्लू जैसे गंभीर बीमारी को लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जाए. राजस्थान में अब कोरोना के आंकड़े सुखद संकेत दे रहे हैं. ये राहत का विषय है लेकिन अभी भी सचेत रहने की जरुरत है.

इधर, राजस्थान में अब मृत्युदर भी लगातार घटने लगा है. बुधवार को प्रदेश में 1770 नए कोरोना के मरीज आए हैं. वहीं, 9 मरीजों की कोरोना से मौत दर्ज की गई. हालांकि, राजधानी जयपुर में अभी भी आंकड़ा 300 के पार दिखाई दे रहा है. मौसम के बदलाव के साथ सर्दी-जुकाम के मरीज पहले की अपेक्षा बढ़े हैं.

बीते महीनों में भी जिले में लगातार मरीज सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि जयपुर या आसपास के जिलों में अभी तक स्वाइन फ्लू के मरीज सामने नहीं आए हैं. किंतु इस बीमारी का वायरस सर्दी के मौसम में सक्रिय रहता है. इसे देखते हुए सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं.

संक्रमण रोकने के लिए बचें इन चीजों से:

1. त्योहारों में सामाजिक मेल-जोल कम करें.
2. छठ घाटों पर भीड़ कम लगाएं.
3. दिवाली में बारूद जलाने से बचें क्योंकि इससे अधिक प्रदूषण होता है.
4. बिना मास्क या कपड़े के खांसना-छींकना.
5. बिना मास्क घरों से बाहर जाना.

बचाव के लिए यह करें:

1. गुनगुना पानी लगातार पीते रहें.
2. ठंड से बचाव करें.
3. गर्म चीजों का ही सेवन करें.
4. सुबह की धूप और मॉर्निग वॉक करें.
5. अधिक शारीरिक गतिविधियां करें.

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