सूखा प्रभावित किसानों का डाटा ऑनलाईन हो- जिला कलेक्टर

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बीकानेर। जिला कलक्टर नमित मेहता ने फसल खरीफ (सम्वत 2077) में सूखे से प्रभावित कृषकों के डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकार्ड के तहत आॅनलाईन से शेष रही तहसील छत्तरगढ़, लूणकरनसर व बज्जू के किसानों के डाटा आॅनलाईन करवाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पटवारी द्वारा अपलोड किए गए किसानों के डाटा तहसीलदार आगामी 7 दिन में सत्पापित कर, डाटा आॅनलाईन करवाएं। उन्हांेने कहा कि इस कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित तहसीलदार के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
मेहता ने जिले के उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदारों को वीडियो काॅन्फ्रेस के माध्यम से राजस्व कार्यों की समीक्षा की और सूखे से प्रभावित किसानों के डाटा डीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज करवाने के लिए हल्का पटवारियों से सूची प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर पटवारी उलब्ध नहीं है तो पटवारी प्रतिनियुक्त करवाकर कार्य समय पर पूरा करवाएं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सूखे से प्रभावित कोई भी किसान सूची में शामिल होने से वंचित ना रहे, इसका ख्याल रखा जाए। एक-एक पटवारी से इस आशय का प्रमाण पत्र ले कि उसके क्षेत्र में कोई भी प्रभावित किसान नहीं छूटा है। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित किसानों के डाटा तैयार होने के बाद प्रस्ताव राज्य सरकार को भेेजे जायेंगे। इस संबंध में ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

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आॅनलाईन गिरदावरी करवाएं-मेहता ने जिले में आॅनलाईन गिरदावरी की समीक्षा करते हुए  बीकानेर, नोखा, कोलायत, खाजूवाला व श्रीडूंगरगढ़ के राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि एप के माध्यम से पटवारियों से आॅनलाईन गिरदावरी संपादित करवाएं। उन्होंने इस कार्य को प्राथमिकता से लेते हुए समय पर पूरा करवाने के राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए।

सप्ताह में 3 दिन कोर्ट लगे- जिला कलक्टर ने कहा कि कोरोना काल के दौरान राजस्व वादों का निस्तारण नहीं हो सका था। अब सभी उपखण्ड कार्यालय में कोर्ट लगना प्रारंभ हो चुका है। अतः सभी एसडीएम सप्ताह में 3 दिन कोर्ट लगाकर, प्रकरणों का निस्तारण करें। उन्होंने गैर खातेदारी से खातेदारी देने के मामलों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि उपखण्ड अधिकारी और तहसीलदार स्तर पर इस संबंध में जितने भी प्रकरण पेण्डिग हैं,उनका निस्तारण किया जाए। इसी प्रकार उन्होंने सीमाज्ञान, भूमि रूपान्तरण के मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 18 फरवरी के बाद भूमि रूपान्तरण के आवेदन आॅनलाईन स्वीकार किए जायेंगे। अतः अब तक प्राप्त आवेदनों का निष्पादन करंे। उन्होंने निर्देश दिए जो मामले उपखण्ड अधिकारी के क्षेत्राधिकार में नहीं है, उनको सक्षम अधिकारी को समय पर प्रेषित करे। अनावश्यक रूप से प्रकरणों को अपने पास रोके नहीं।

पूगल तहसील हुई आॅनलाईन- तहसील पूगल का सम्पूर्ण रिकार्ड आॅनलाईन किए जाने पर जिला कलक्टर नमित मेहता ने तहसील की पूरी टीम द्वारा निष्टापूर्ण कार्य करने पर तहसीलदार पूगल अशोक गोरा को प्रमाण पत्र प्रदान किया। मेहता ने टीम तहसील पूगल की सराहना की और कहा कि इनकी निष्ठा की वजह से किसानों को बड़ी राहत मिली। पूगल तहसील में आॅनलाईन नामान्तरकरण की कार्यवाही शुरू हो सकेगी। रिकार्ड आॅनलाईन होने से किसानों का समय और पैसा बचेगा। उसे पटवारी अथवा अन्य राजस्व कार्मिक के पास जाना नहीं पडे़गा। वह अपने दस्तावेज आॅनलाईन प्राप्त कर सकेगा। अब कोई भी किसान कृषि भूमि का अधिकृत दस्तावेज ऑनलाइन प्राप्त कर सकेगा। यदि कृषक के पास कंप्यूटर नहीं है तो वह ई-मित्र केंद्र से भी ई-साइन प्रति प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के आदेश अनुसार यह हस्ताक्षरित प्रति विधि मान्य है। प्रत्येक ई-हस्ताक्षरित प्रति पर क्यूआर कोड अंकित है, जिसे स्कैन कर जारी नकल की प्रविष्टियों को कोई भी व्यक्ति मोबाइल पर पुष्टि कर सकता है। राजस्व रिकॉर्ड का ऑनलाइन करना इसमें बहुत मददगार साबित होगा। पूगल तहसील के राजस्व रिकॉड का डिजिटलाइजेशन कार्य को राज्य सरकार ने 9 फरवरी को आॅनलाईन होने की अधिसूचना जारी की है।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेवराम धोजक, उपखण्ड अधिकारी बीकानेर मीनू वर्मा, जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर, उप निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एल.डी.पंवार सहित जिले के उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार वीसी के माध्यम से जुड़े।

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