बीकानेर

गोल्डमेडलिस्ट डॉ.अर्चना शर्मा को आत्महत्या के लिए बाध्य करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग

बीकानेर। प्रदेश के दौसा जिले में एक निजी अस्पताल की महिला चिकित्सक पर हत्या का केस दर्ज होने तथा केस दर्ज होने के बाद मानसिक रूप से परेशान चिकित्सक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के विरोध में आज ब्राह्मण समाज बीकानेर ने विप्र नेता योगेंद्र कुमार शर्मा योगी, विप्र फाउंडेशन के प्रदेशाध्यक्ष भँवर पुरोहित, विप्र नेता राजस्थान ब्राह्मण मंच अध्यक्ष  बनवारी शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम पर जिला प्रशासन एडीएम सिटी अरुण प्रकाश शर्मा को ज्ञापन देकर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले स्थानीय नेताओं,प्रसूता के परिजनों को उकसाने वाले पत्रकारों व असामाजिक तत्वों को शीघ्र गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जावे ।। विप्र नेता वाई के शर्मा योगी जी ने कहा अगर समय रहते न्याय न मिलने की स्थिति में विप्र समाज की अगुवाई में सर्वसमाज उग्र आन्दोलन करने को बाध्य होगा जिसका पूर्ण दायित्व सरकार का होगा ।।
विप्र फाउंडेशन प्रदेशाध्यक्ष भँवर पुरोहित ने कहा कि विफा की अनेकों मांगो सहित मृतक अर्चना शर्मा के नाम पर कोई राज्यस्तरीय पुरस्कार की घोषणा की जाये।अब तक कि कार्यवाही पर्याप्त नही है।राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता व स्वजातीय गतिशीलता के पुनीत उद्देश्यों पर चलने वाले विफा के मांग पत्र पर तत्काल कार्यवाही करके आमजन में न्याय व सुरक्षा के प्रति विश्वास बहाली करें।। राजस्थान ब्राह्मण मंच के अध्यक्ष बनवारी शर्मा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा इस मुद्दे पर बीकानेर सक्रिय समस्त ब्राह्मण संगठन एक जाजम पर है अगर समय रहते न्यायोचित निर्णय नही हुआ तो सरकार एक बड़े आंदोलन का सामना करने को तैयार रहे ।।
विफा युवा प्रकोष्ठ प्रदेश महामंत्री दिनेश ओझा ने बताया कि ज्ञापन देने वालो में सीएमएचओ सुकुमार कश्यप,श्रीधर शर्मा,एडवोकेट जगदीश गौड्,पंडित जयदेव शर्मा,धनसुख सारस्वत, नंदकिशोर गालरिया, राजकुमार जोशी रमेश उपाध्याय, भवानी शंकर जाजड़ा,रमेशचन्द्र उपाध्याय, वैध ओमप्रकाश गौड्,नित्यानंद पारीक,सोहनलाल उपाध्याय, सुशील पंचारिया,नरेंद्र नाथ पारीक,सुनीता पारीक,कामिनी भोजक (मैया),राजेश्वरी उपाध्याय, मनोज पारीक,सुशील शर्मा,गिरिराज पारीक,शिव दाधीच,विजय पाइवाल,अरुण कल्ला,नितिन वत्सस,श्रवण पालीवाल सहित अनेको सामाजिक सक्रिय विप्र बन्धुओ ने संयुक्त रूप से आक्रोश व्यक्त किया और आगामी कार्ययोजना पर सभी संगठन इस अन्याय के विरुद्ध संगठित होकर संघर्षत रहेंगे ।।

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