बालिका गृह में बनेगा ओपन जिम-गौतम जिला कलक्टर ने दिए निर्देश

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बीकानेर, 23 अक्टूबर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि बालिका गृह में आवासित बच्चियों की शारीरिक एक्टीविटी बढ़ाने के लिए यहां ओपन जिम का निर्माण करवाया जाएगा। ओपन जिम के निर्माण से बच्चियों की आउटडोर गतिविधियां बढेगी और वे खेल गतिविधियों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित हो सकेंगी।
गौतम ने बुधवार को कलेक्टेªट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि बालिका गृह में समस्त व्यवस्था सुचारू रूप से चले और वहां आवासित बच्चियों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।
दीपावली पर बच्चियों को मिलेगा घर जैसा माहौल-
गौतम ने कहा कि दीपावली के अवसर पर बालिका गृह, किशोर गृह में आवासित बच्चियों को घर जैसा माहौल मिले। बच्चियों को सजावट, मिठाई बनाने आदि गतिविधियों में शामिल करें जिससे वे वहां और अधिक अपनत्व महसूस कर सके। उन्होंने किशोर गृह तथा बालिका गृह ट्यूटर लगवाने के निर्देश दिए।
सीनियर सिटीजन से होगा संवाद-
गौतम ने बताया कि बालिका गृह में आवासित बच्चियों में संस्कार और अपनत्व के लिए सीनियर सिटीजन का सहयोग लिया जाएगा। सीनियर सिटीजन यहां आकर बच्चियों की गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे। इनके माध्यम से बच्चियों को संरक्षक मिलेंगे, वहीं वृद्ध लोगों को सामाजिक उतरदायित्व के इस महत्वपूर्ण कार्य से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
गौतम ने कहा गुड टच  तथा बेड टच की जानकारी के लिए बाल अधिकारिता विभाग विशेष अभियान चलाकर बच्चों को यह जानकारी दें। फिल्म, प्रार्थना सभा आदि गतिविधियों के माध्यम से यह जानकारी दें। बैठक में कौशल विकास केन्द्र के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई।
एसएचजी द्वारा तैयार सामान बिकेगा आॅनलाइन-
राजस्थान सामाजिक समावेश कार्यक्रम के तहत सजग दिव्यांग सेवा समिति के दिव्यांग स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के संबंध में जिला कलक्टर ने कहा कि समूहों द्वारा जो उत्पाद बनाए जा रहे हैं इनकी मार्केटिंग के लिए एक्शन प्लान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाजार में शुद्ध और घरेलू स्तर पर तैयार सामान की व्यापक मांग है। इन समूहों द्वारा मसाला बैग आदि उत्पादों को तैयार किया जा रहा है उन्हें बाजार उपलब्ध करवाने के लिए उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने वाला माल तैयार हो। एक ब्रांड का निर्माण करें और इस कार्य में उरमूल ट्रस्ट इन समूहों की सहायता करें। शीघ्र ही एक्शन प्लान के अनुसार कार्यवाही की जाएगी और भविष्य में इनके द्वारा तैयार सामान को अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी वेबसाइट से जोड़कर बेचा जा सकेगा। साथ ही जिला मुख्यालय पर ऐसे समूहों को दुकान उपलब्ध करवाई जाएगी, जहां वे अपना सामान बेच सकेंगे।
गौतम ने कहा कि उरमूल ट्रस्ट उन मनरेगा श्रमिकों की सूची उपलबध करवाए जिन्हें रोजगार मांगने के बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा काम उपलब्ध नहीं करवाया गया हो, ताकि आवश्यक कार्यवाही करते हुए जवाबदेही तय करवाई जा सके।
पीड़ित को तुरंत मिले सहायता-
गौतम ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करें और संबंधित को सहायत राशि समय पर मुहैया करवा राहत दें। प्रकरणों की जल्दी से जल्दी जांच करें ताकि पीड़ित पर किसी प्रकार का दबाव ना आए। उन्होंने कहा कि दो माह से पुराने मामलों को जल्द से जल्द निपटाएं। यदि ऐसा कोई पुराना प्रकरण हो जिसमें पीड़ित को सहायत राशि का भुगतान  नहीं किया गया है तो पुराने नियमों के अनुसार सहायता राशि दिलवाएं और राहत दें।
जिला कलक्टर ने उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एल.डी.पंवार  को निर्देश दिए कि अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के संबंध एक बुकलेट छपवाएं और पीड़ित को बुकलेट का वितरण किया जाए तथा समस्त प्रावधानों की जानकारी दें। गौतम ने कहा कि अधिनियम के तहत पीड़ितों को सहायता देने के लिए आवश्यक राशि की मांग के प्रस्ताव भिजवाए जाएं।
बैठक में उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एल डी पंवार, बाल अधिकारिता सहायक निदेशक कविता स्वामी, सहायक निदेशक समाज कल्याण अरविंद आचार्य, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष वाई के शर्मा योगी, सदस्य अरूणा भार्गव, हाजरा बानो, उरमूल ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी रामपाल बिश्नोई, समन्वयक चेनाराम बिश्नोई, रेवंतराम, जयपाल, सजग दिव्यांग सेवा समिति की अध्यक्ष अनुराधा पारीक, सदस्य रेखा सिद्ध, रेखा मेघवाल सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।

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