बीस स्थानक विशेष पूजा में जैन आगम मंत्रों व भक्ति गीतों की धूम, अक्षय कलश व समोसरण की स्थापना

बीकानेर(Bikaner News)। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ के गच्छाधिपति आचार्यश्री जिन मणिप्रभ सूरिश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती प्रवर्तिनी वरिष्ठ साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. के सान्निध्य में बागड़ी मोहल्ले की ढढ्ढा कोटड़ी में रविवार को जैन आगम मंत्रों व भक्ति गीतों के साथ बीस स्थानक विशेष की गई। पूजन में 455 श्रावक-श्राविकाएं एक साथ बैठकर 20 पदों का सविधि पूजन किया। पूजन के दौरान अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने नवंकार महामंत्र जाप व विभिन्न तपस्याएं की।

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रविवार को ही प्रवर्तिनी साध्वीश्री शशि प्रभा जी.म.सा. के सान्निध्य में साध्वीश्री संयम पूर्णा जीमसा. के नेतृृत्व में सुगनजी महाराज के उपासरे में शांति स्नात्रर पाठ, भगवान अजीत नाथजी के मंदिर अक्षय निधि कलश व समोसरण की स्थापना की गई। अक्षय सुख की प्राप्ति के लिए अक्षय निधि तप की आराधना की।
पूजन से पूर्व नाहटा मोहल्ले के भगवान आदि नाथ मंदिर से बीस स्थानक तप आराधक परमात्मा की प्रतिमा को गाजे बाजे से मंगल व भक्ति गीत गाते हुए ढढ्ढा कोटड़ी लेकर पहुंचे। वहां परमात्मा की प्रतिमा की सविधि स्थापना की गई। पूजा के दौरान प्रतिमा की परिक्रमा की गई तथा आगम के मंत्रों व भक्ति गीतों के साथ पूजा की गई। पूजा स्थल पर लकड़ी के तख्त पर चावलों का स्वास्तिक बनाकर व नेवैद्य, फल आदि चढ़ाकर पूजन किया गया।
बीस स्थानक पूजा में ’’अरिहंत, सिद्ध, पवयणस्स, आयरियाणं, थेराणं, उवज्झायाणं, सव्वसाहूणं, नाणस्स, दंसणस्स, विनयसंपन्नाणमं, चारित्तस्स, बंभवयधारीणं, गोयमस्स, किरियाणं, चरणस्स,  जिणाणं,  चरणस्स, अभिणव नाणस्स, सुयनाणस्स, व तित्थस्स पदों की 20-20 माला का विशेष जाप, 12 से लेकर 70 तक खमासमणे, स्वास्तिक, परिक्रमा व काउस्सग्ग की साधना व धार्मिक क्रिया की गई। जिन श्रावक-श्राविकाओं को काउस्सग्ग की विधि नहीं आई उन्होंने नवंकार महामंत्र का जाप किया।
साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. व साध्वी सौम्यगुणा व सहवृृति साध्वीवृृंद ने ’’ अब सौंप दिया है इस जीवन को भगवान तुम्हारे चरणों में’’, ’’ ऊंचा- ऊंचा शत्रुन्जय जैना शिखरो सुहाय’’, ’’ इस तीर्थ की महिमा महान’’, ’’दर्शन बिन अखियां तरसे, सांवरिया’  ’तुम्हे नाथ नइया तिरानी पड़ेगी’’ आदि भक्ति गीत व जैन आगम के मंत्र प्रस्तुत किए। उपस्थित श्राविकाओं ने भी स्वर मिलाते हुए पूजा स्थल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। श्राविकाओं ने भी बीकानेर में प्रवचलित पारम्परिक जैन भजनों को गाया। साध्वीवृृंद के सान्निध्य में आयोजित पोस्टकार्ड पर भगवान आदि नाथ के नाम अंकित करने की प्रतियोगिता में ऋचा लूणिया प्रथम, अंजू लूणिया द्वितीय व निधि नाहटा तृृतीय रही। प्रवचन स्थल पर बालिका मनन नाहटा के आठ दिन की व सरिता खजांची के 25 दिन की तपस्या की अनुमोदना की गई। अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने ढ्ढा कोटड़ी व सुगनजी महाराज के उपासरे में प्रतिक्रमण किया।

 

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