फेस्टिवल में बिखरे कला के रंग, भगत पूरण मल की रम्मत का हुआ प्रदर्शन

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बीकानेर कला, संस्कृति एवं थिएटर फेस्टिवल के छठे दिन कला और संस्कृति के विभिन्न रंग देखने को मिले। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष कोठारी की विजयदान देथा की कहानियों के अनुवाद पर आधारित पुस्तक “टाइम लेस टेल्स ऑफ मारवाड़” पर परिचर्चा से हुआ. परिचर्चा में टैक्सस यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफ़ेसर डा दलपत सिंह राजपुरोहित ने राजस्थानी भाषा की गहराईयों और लोक में रचे साहित्य संसार को अनेक उद्धरणों से स्पष्ट किया। विशेष कोठारी ने विजयदान देथा की कहानियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कहानियों को अन्य भाषाओँ में अनुवाद के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहिए।
परिचर्चा के बाद भगत पूरण मल की रम्मत का प्रदर्शन किया गया जिसमे भंवर लाल जोशी, नारायण रंगा, मनोज कुमार, श्याम लाल जोशी, लक्ष्मी नारायण जोशी इत्यादि कलाकारों ने रम्मत के विभिन्न पात्रों को रंगमंच पर उतारा।
लोकायन के सचिव गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि रात्रि 8 बजे अभिषेक मुद्गल निर्देशित कर्ण के त्याग, बलिदान पर आधारित रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की अमर कृति ‘रश्मि रथी’ नाटक का मंचन किया गया. नाटक के पश्चात बीकानेर के कवियों द्वारा हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमे बीकानेर डॉ. वत्सला पांडेय, श्री प्रमोद शर्मा, डॉ. चंचला पाठक, श्री रवि शुक्ल, श्री संजय आचार्य वरुण, राजेंद्र स्वर्णकार एवं श्रीमती रिद्धिका आचार्य ने अपनी चुनिंदा रचनाएँ प्रस्तुत की.
फेस्टिवल में देर रात ग़ज़ल प्रेमियों के लिए ग़ज़ल गायक कशिश आचार्य द्वारा सुप्रशिद्ध ग़ज़लें पेश की गयी. कशिश ने कार्यक्रम की शुरुआत ग़ुलाम अली की गायी मशहूर ग़ज़ल “ये कौन आ गयी” से की. इसके बाद कशिश ने “साहिर पे खड़े”, “हर जुल्म तेरा याद है भूला तो नहीं हूँ” ग़ज़लें पेश कर दर्शकों का मन मोह लिया। कशिश के साथ तबले पर संगत ताहिर हसन और हारमोनियम पर इस्लामुद्दीन ने संगत दी. फेस्टिवल के सभी कार्यक्रमों को बड़ी संख्या में दर्शकों ने ऑनलाइन देखा।
फेस्टिवल से जुड़े नवल किशोर व्यास ने बताया कि फेस्टिवल में कार्यक्रम के सातवे दिन शाम को 6 बजे “रूरल एंड सस्टेनेबल टूरिज्म इन राजस्थान” पर परिचर्चा का आयोजन होगा। शाम 7 बजे बीकानेर के प्रशिद्ध तबला वादक ग़ुलाम हुसैन की एकल तबला वादन का आयोजन होगा। रात्रि 7:30 बजे नापासर के पारम्परिक वाद्य डेरूं के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। कृति चर्चा श्रृंखला में मनीषा कुलश्रेष्ठ की पुस्तक “मल्लिका” पर अमित गोस्वामी  और लेखिका के बीच संवाद रात्रि 8 बजे आयोजित होगा।

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