गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे किसान, कुछ किसान सीमा पर डटे तो कुछ दिल्ली की ओर बढ़े

गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे किसान, कुछ किसान सीमा पर डटे तो कुछ दिल्ली की ओर बढ़े  गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे किसान, कुछ किसान सीमा पर डटे तो कुछ दिल्ली की ओर बढ़े farmers protest 2

गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे किसान, कुछ किसान सीमा पर डटे तो कुछ दिल्ली की ओर बढ़े mr bika fb post

कृषि कानूनों (New Agriculture Law 2020) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली में प्रवेश की इजाजत मिल गई है. किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में मौजूद निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है, लेकिन किसानों का एक गुट इस बात पर अड़ गया है कि सरकार का कोई नुमाइंदा उनसे बॉर्डर पर आकर बात करें. दिल्ली चलो विरोध प्रदर्शन के समर्थन में गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर किसान पहुंचे हैं. एक किसान से कहा हम एमएसपी पर गारंटी चाहते हैं. हम अन्य किसान समूहों से इस पर चर्चा करेंगे और इसके बाद आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे. बुराड़ी के निराकारी समागम ग्राउंड में किसान कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा हम सरकार पर भरोसा नहीं करते, पहले भी चर्चाएं हुई हैं लेकिन उससे कोई समाधान नहीं निकल सका है. हम चाहते हैं कि सरकार इन कानूनों को वापस ले. भारतीय किसान यूनियन पंजाब के महासचिव हरिंदर सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर किसानों की बैठक खत्म होने के बाद कहा है कि- ये तय हुआ है कि हम यहां अपना विरोध जारी रखेंगे और यहां से कहीं नहीं जाएंगे. हम रोज सुबह 11 बजे मिलेंगे और अपनी रणनीति पर चर्चा करेंगे.

गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचे किसान, कुछ किसान सीमा पर डटे तो कुछ दिल्ली की ओर बढ़े prachina in article 1

इस बीच कृषि कानूनों के विरोध में दिल्‍ली मार्च कर रहे किसानों से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra singh Tomar) ने किसानों से आंदोलन खत्‍म करने की अपील की है. तोमर ने आंदोलनरत किसानों को 3 सिदंबर को बातचीत का प्रस्‍ताव दिया है. वहीं, क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया कि वे बुराड़ी जाने के पक्ष में हैं क्योंकि उन्होंने ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया था. उन्होंने आगे कहा कि इस प्रदर्शन का लक्ष्य दिल्ली पहुंचना और केंद्र सरकार पर इन तीन कृषि कानूनों को लेकर दबाव बनाना है.

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार किसान संघों के साथ बातचीत के लिए तैयार है ताकि उनके मुद्दों को हल किया जा सके. हमने उन्हें 3 दिसंबर को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है. मुझे उम्मीद है कि वे बैठक में आएंगे. मैं राजनीतिक दलों से किसानों के नाम पर राजनीति नहीं करने का आग्रह करता हूं:

भाजपा लाई है काला कानून- जयवीर शेरगिल
कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने कहा कि किसानों के इंकलाब ने भाजपा का तानाशाह का चेहरा बेनकाब कर दिया है. चीनियों को घुसपैठ करने पर नहीं रोका पर किसान को राजधानी में रोकने के लिये लाठियां भांजी जा रही हैं. भाजपा सरकार को पता था दिल्ली कूच करने के लिये तारिख तय किया था तो भाजपा ने क्यों नहीं बात की? शेरगिल ने कहा- कृषि क्षेत्र पर भूमि अधिग्रहण बिल लाए भाजपा ,जीएसटी लाए भाजपा और कहते है कांग्रेस बरगला रही है, किसानों के साथ हम खड़े है थे और रहेगे. कहा कि भाजपा आज जवान का इस्तेमाल किसानो ंको मारने के लिए इस्तेमाल कर रही है और जय जवान जय किसान का नारा चोट पहुचा रही है. कृषि मंत्री को मैदान में जाककर किसानो से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए , ये साफ हो गया है की भाजपा का काला कानून लाई है , उनकी नियत खोटी है और दिल काला है.

दिल्ली के सिंघु और टिकरी सीमा पर जमा हुए आंदोलनकारी किसान 
बता दें केंद्र द्वारा लागू कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान शनिवार सुबह सिंघु बॉर्डर पर जमा हुए और बैठक की. इसमें उन्होंने प्रदर्शन के लिए उत्तर दिल्ली में स्थान निर्धारित करने के बावजूद सीमा पर ही विरोध-प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया. टिकरी बॉडर पर मौजूद किसानों का भी प्रदर्शन जारी है. हालांकि, निर्धारित स्थल पर जाने को लेकर उन्होंने जल्द फैसला करने की बात कही. एक किसान नेता ने बताया कि पंजाब से दिल्ली प्रवेश करने के प्रमुख रास्ते सिंघु बॉडर पर किसानों की बैठक में फैसला लिया गया कि वे वहां से नहीं हटेंगे और प्रदर्शन जारी रखेंगे.

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी सरकार किसानो के हित के लिये है. सरकार के आने के बाद ही किसानों के पेंशन, खेती है सिंचाई की व्यवस्था पहुंची है. मोदी सरकार ने अन्न और अन्नदाता की चिंता की है. कुछ लोग बहका रहे है बरगला रहे है, किसान भाइयों को कोई समस्या नहीं है

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने चार तस्वीरें ट्वीट कर सरकार को घेरा. उन्होंने लिखा- भाजपा सरकार में देश की व्यवस्था को देखिए जब भाजपा के खरबपति मित्र दिल्ली आते हैं तो उनके लिए लाल कालीन डाली जाती है. मगर किसानों के लिए दिल्ली आने के रास्ते खोदे जा रहे हैं. दिल्ली किसानों के खिलाफ कानून बनाए वह ठीक, मगर सरकार को अपनी बात सुनाने किसान दिल्ली आए तो वह गलत?

COMMENTS