fbpx

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का 66 साल की उम्र में निधन, दोपहर 12:07 बजे ली अंतिम सांस

डॉक्टर ने बताया कि जेटली की तबियत अचानक रात को  बिगड़ गई थी। देर रात उनके पेट में संक्रमण फैल गया था। काफी मशक्कत के बाद भी डॉक्टर उनकी रिकवरी करने में नाकामयाब रहे। सुबह कई टेस्ट करने और हैवी डोज देने के बावजूद भी उनका शरीर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था।

66 साल के जेटली को सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी की शिकायत के बाद नौ अगस्त को एम्स लाया गया था। एम्स ने 10 अगस्त के बाद से जेटली के स्वास्थ्य पर कोई बुलेटिन जारी नहीं किया था। जेटली ने खराब स्वास्थ्य के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था।

जेटली जब अस्पताल में भर्ती थे तो उनसे मिलने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, भाजपा सांसद मेनका गांधी, असम के राज्यपाल प्रो जगदीश मुखी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी एम्स पहुंचे थे।

पेशे से वकील जेटली ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान अहम जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने वित्त के साथ कुछ समय के लिए रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाई। वह कई मौकों पर सरकार के संकटमोचक भी बने। इस साल मई में उन्हें इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।

पिछले साल 14 मई को उनका एम्स में गुर्दे का प्रत्यारोपण हुआ था। जेटली पिछले साल अप्रैल से वित्त मंत्रालय नहीं जा रहे थे। हालांकि वह 23 अगस्त, 2018 को दोबारा अपने मंत्रालय पहुंचे थे। उनकी गैर मौजूदगी में तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोलय को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।

COMMENTS

WORDPRESS: 0