कोरोना की दूसरी लहर को थामने के लिए गहलोत सरकार ने तैयार किया ‘मेगा प्लान

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जयपुर. कोराना की दूसरी लहर (Second wave of corona) को रोकने के लिए प्रदेश के सभी कलेक्टर्स ने जिलों की सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी है. राज्य के बाहर से सड़क मार्ग से आने वाले लोगों की आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट (RT PCR Negative Investigation Report) की जांच के लिए चेक पोस्ट स्थापित कर दी गई है. इसके साथ ही बॉर्डर चेक पोस्ट पर प्लस ऑक्सीमीटर की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जा रही है.

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कलेक्टर्स के सामने बड़ी चुनौती गृह विभाग की ओर से जारी की गई गाइडलाइन का पालन करवाने की है. अब जिला कलक्टर को और अधिक शक्तियां प्रदान कर दी गई हैं. कलेक्‍टर अपने जिले में स्थिति के आधार पर नाइट कर्फ्यू पर निर्णय ले सकते हैं. गृह विभाग के आदेश के बाद जोधपुर और बीकानेर समेत अन्य जिलों के कलेक्टर्स ने सख्त कदम भी उठाने भी शुरू कर दिए हैं.

इन पर है ज्यादा फोकस
कलेक्टर्स का फोकस विवाह संबंधी समारोह, भीड़ भाड़ वाले इलाके, रेस्टोरेंट्स और शिक्षण संस्थाओं में गाइडलाइन का पालन करवाने पर है. मास्क पहनने और सामाजिक दूरी की पालना के लिए अधिकारी सामाजिक संगठनों और गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से आमजन को जागरूक कर रहे हैं.

गाइडलाइन जन अभियान की शुरुआत
कोराना की दूसरी लहर को रोकने के लिए सरकार ने विशेष टीकाकरण एवं गाइडलाइन जनअभियान की शुरुआत की है. 5 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान 19 अप्रैल तक चलेगा. इसके जरिये कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार जैसे सामाजिक दूरी मानक संचालन की प्रक्रिया की सख्त अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी. संयुक्त परिवर्तन दलों के सहयोग के लिए एंटी कोविड टीम बनायी जाएगी. इसमें जिला कलेक्टर के पर्यवेक्षण में राज्य सरकार के विभागों के अधिकारी द्वारा सहायता की जाएगी.

बनाई जाएंगी एंटी कोविड टीमें
गहलोत सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के मद्देनजर एंटी कोविड टीमें गठित करने का निर्णय लिया है. ये टीमें लोगों से सरकार की ओर से जारी एसओपी का पालन करवाएगी. टीम में अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा चिकित्सक और पुलिसकर्मी भी शामिल रहेंगे. टीम के सदस्यों को विशेष कैप और आर्म बैज दिए जा सकते हैं. साप्ताहिक आधार पर इनकी ड्यूटी लगाई जाएगी. विभागों के अधिकारियों से इनके नाम-पता और मोबाइल नंबर प्राप्त लिए जाएंगे. एंटी कोविड टीम से जांच दल के निर्देशन में काम करेगी.

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