राजस्थान

गहलोत सरकार ने संविदाकर्मियों के लिए जारी किए नए नियम! सरकार जब चाहें……

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत सरकार ने संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नियम जारी कर दिए है. मगर इस दौरान संविदाकर्मियों की काफी लंबे समय से लंबित पड़ी नियमित करने की मांग को मौजूदा नियमों में नहीं माना गया है. वहीं, नए नियम के अनुसार सरकार सरकार किसी भी समय संविदा पर काम कर रहे कर्मचारी को निकाल सकेगी. इसके साथ ही नौकरी पर नहीं रखने पर 2 महीने का वेतन देगी. वहीं, प्रदेश के संविदाकर्मी सरकारी कर्मचारियों की तरह नियमित नहीं होंगे. ऐसे में कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार गहलोत सरकार ने संविदाकर्मियों की नियमित करने की मांगे नहीं मानी है. फिलहाल सरकार ने संविदाकर्मियों के लिए लाभ तय कर दिए. PPF जमा करने और छुट्टियों की सुविधाए मिलेंगी लेकिन नियमित करने का कहीं जिक्र नहीं है.

दरअसल, कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक SC, ST, OBC, STSC और आर्थिक रूप से कमजोर EWS के पुरुष अभ्यर्थियों को उम्र में 5 साल की  छूट देने का प्रावधान किया गया है. हालांकि  सामान्य वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के मामले में 5 साल अन्य कमजोर वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के मामले में 10 साल की छूट रहेगी. वहीं, नए आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति संविदा पर रखने के लिए पात्र नहीं होगा जोकि अनुशासनिक आधार पर लोक सेवा से हटाया गया नहीं हो.

यंहा देखे नियम 202201110529337177975raj_cont_hiring_h

2 से ज्यादा बच्चों वाले नहीं होंगे योग्य

वहीं, नए नियम के आदेश के मुताबिक कोई भी व्यक्ति जिसके 1 जून 2002 दो को या उसके पश्चात दो से अधिक संतान हो इन नियमों के अधीन नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा. फिलहाल 2 से ज्यादा संतानों वाला अभ्यर्थी तब तक नियुक्ति के लिए निर्हित नहीं समझा जाएगा जब तक उसकी संतानों की उस संख्या में , जो एक जून 2002 को है, बढ़ोतरी नहीं होती. ऐसे में किसी भी अभ्यर्थी की संतानों की कुल गणना करते समय ऐसी संतानों को नहीं गिना जाएगा जो पूर्व के प्रसव से पैदा हुई हो और निशक्तता से ग्रसित हो.

सरकार किसी भी सेवाएं कर सकती हैं समाप्त

गौरतलब है कि अगर कोई अधिकारी संविदा कर्मी की सेवाओं से संतुष्ट न हो या विश्वास करता है कि किसी कारण से अब उसकी सेवाएं जरूरत नहीं रही है तो अधिकारी 3 महीने का नोटिस देकर उसकी सेवाएं समाप्त कर सकता है. इसके साथ ही सरकार संविदाकर्मी को नौकरी से निकालने पर 3 महीने का वेतन देगी. ऐसे में संविदा कर्मी को कोई बोनस नहीं मिलेगा. हालांकि संविदा पर नियुक्त संविदा की कालवधि के अवसान पर संविदा कर्मी की सेवाएं खुद ही समाप्त हो जाएंगी. इस दौरान सेवा समाप्ति के लिए अलग के आदेश जारी नहीं किए जाएंगे. साथ ही संविदा पर नियुक्त व्यक्ति ने 60 साल की उम्र प्राप्त कर ली है तो उसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.

What's your reaction?

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *