गहलोत बोले / ‘कथा के दौरान करंट से इतनी मौत दुखद, ऐसी घटना न हो इसलिए कमिश्नर खुद करेंगे जांच’

गहलोत बोले /	‘कथा के दौरान करंट से इतनी मौत दुखद, ऐसी घटना न हो इसलिए कमिश्नर खुद करेंगे जांच’ mr bika fb post

बालोतरा (बाड़मेर). जिले के जसोल में रविवार को रामकथा के दौरान डोम गिरने और बारिश के चलते पंडाल में करंट फैलने से 15 लोगों की मौतों का प्रमुख कारण आयोजन की व्यवस्थाओं में घोर लापरवाही और जिम्मेदारों की अनदेखी करना रहा।

गहलोत बोले /	‘कथा के दौरान करंट से इतनी मौत दुखद, ऐसी घटना न हो इसलिए कमिश्नर खुद करेंगे जांच’ prachina in article 1

हादसे के कारणों को जानने के लिए भास्कर ने सोमवार एक्सपर्ट के साथ घटनास्थल पर जाकर बारिकी से पड़ताल की तो हर स्तर पर अनियमितताएं और गैरजिम्मेदारी सामने आई। प्रशासन की ओर से यह कहकर पल्ला झाड़ने कि हमसे किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी, इस पर भी कानून विशेषज्ञों से बात की। इधर इसी बीच इस हादसे में घायल जोधपुर के एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।

हादसे में घायल जोधपुर के एक और जने की मौत
जोधपुर एम्स में भर्ती मरीज पोकरराम (81) की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। अब हादसे में मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। एम्स में हादसे के चार मरीज भर्ती हुए, जिनमें से दो मरीजों का इलाज एम्स में चल रहा है। वहीं एक मरीज को एमडीएम अस्पताल में शिफ्ट किया है। एम्स में एक मरीज आर्थोपेडिक और दूसरा मेडिसिन विभाग में भर्ती है। वहीं एमडीएम अस्पताल में हादसे में घायल 6 लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें दो मरीजो ट्रोमा आईसीयू और चार मरीज गंगा ट्रोमा वार्ड में भर्ती हैं।

गहलोत के साथ ट्रोमा आईसीयू में घुस रहे थे लोग, सीएम ने रोका

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जसोल हादसे में घायलों की कुशलक्षेम पूछने जोधपुर आए। वे मथुरादास माथुर अस्पताल में ट्रोमा आईसीयू में मिलने पहुंचे। उनके साथ भीड़ भी ट्रोमा आईसीयू में अंदर घुस रही थी, उन्होंने लोगों को वहीं रोक लिया और ट्रोमा प्रोटोकॉल का ध्यान में रख वे कैप, मास्क व ट्रोमा की चप्पल पहनकर केवल डॉक्टरों के साथ मरीजों से मिलने अंदर गए। वे वहां भर्ती दोनों मरीजों से मिलकर इमरजेंसी के साथ बने गंगा ट्रोमा वार्ड में भर्ती चार मरीजों से मिले। वहां की व्यवस्थाओं के बारे में डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों से जायजा लिया।

जानिए… हादसे के कारणों को उजागर करती भास्कर की पड़ताल

डोम काे जमीन से टाइट नहीं किया
डोम काे जमीन से टाइट नहीं किया जाना रहा। मौके पर साफ नजर आया कि डोम को जमीन से टाइट नहीं किया गया था, इसी के चलते इतनी सी हवा में पूरा पांडाल धराशायी हो गया। डोम की फाउंडेशन प्लेटों में लगने वाली फिक्सिंग रॉड भी नाम मात्र की लगाई गई है। जबकि एक प्लेट में चार रॉड व एक फ्रेम की दोनों प्लेटों में आठ फिक्सिंग रोड लगनी चाहिए।

डोम में हवा निकासी का रास्ता नहीं रखा
डोम में हवा निकासी का ना होना बड़ा कारण रहा। डोम को पीछे की ओर से एकदम खुला रखा गया था, जबकि मंच की ओर से एकदम बंद। वहीं साइड के दोनों आेर से खुला छोड़ा हुआ था, जबकि बाकी हिस्सा एकदम पैक था। ऐसे में हवा घुसी, ऊपर वाटरप्रूफ प्लास्टिक होने व साइडों में कम ही खुली जगह होने से डाेम पर हवा का प्रेशर बना। एेसे में पहले से कमजोर डोम गिर गया।

दो जनरेटर लगाए, ऑपरेटर नहीं रखा
जनरेटर का तार हटाकर बिजली सप्लाई बंद करने वाले कांस्टेबलों दौलाराम व गोमाराम ने बताया कि डोम में बिजली सप्लाई के लिए दो जनरेटर लगे थे। इनमें से एक बंद था और दूसरे से सप्लाई चालू थी, मगर इन जनरेटरों पर कोई ऑपरेटर नहीं था। यदि जनरेटर पर ऑपरेटर होता तो तुरंत ही बिजली सप्लाई बंद कर देता और पांडाल में करंट फैलता ही नहीं। और हादसा न होता।

प्रशासन ने नहीं जांचें सुरक्षा के बंदोबस्त
किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन में प्रशासन व पुलिस की अनुमति जरूरी है, ताकि सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनी रहे। इस आयोजन को लेकर जब बालोतरा एसडीएम रोहितकुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कोई एनओसी नहीं ली गई। अब ये सवाल खड़ा होता है कि इतने बड़े आयोजन कि यदि एनओसी नहीं ली गई तो प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती।

Zomato  गहलोत बोले /	‘कथा के दौरान करंट से इतनी मौत दुखद, ऐसी घटना न हो इसलिए कमिश्नर खुद करेंगे जांच’ o2 badge r

COMMENTS

You cannot copy content of this page