साॅयल हैल्थ कार्ड से किसानों को दें भूमि उर्वरता की जानकारी-गौतम

साॅयल हैल्थ कार्ड से किसानों को दें भूमि उर्वरता की जानकारी-गौतम bikaner news साॅयल हैल्थ कार्ड से किसानों को दें भूमि उर्वरता की जानकारी-गौतम IMG 20191031 WA0013

बीकानेर, जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि काश्तकारों के खेत की मिट्टी की जांच कर उर्वरता व मिट्टी में कमी वाले तत्वों की जानकारी किसानों को दी जाए। गौतम ने कहा कि किसानों को साॅयल हेल्थ कार्ड योजना के तहत कार्ड दिए गए थे। इन कार्ड्स के माध्यम से किसानों के खेतों की मिट्टी की उर्वरता की जांच कर उन्हें यह बताना था कि उनके खेत की जमीन में कौनसे तत्वों की कमी है तथा इनमें किस प्रकार सुधार किया जा सकता है। काश्तकारों के खेत से मिट्टी लेकर परीक्षण तथा परीक्षण के परिणाम के बारे में कृषि विभाग के अधिकारी काश्तकारों को जानकारी दें। साथ ही यह भी बताया जाए कि जांच के बाद उपचाराधीन भूमि पर उपज में कितनी बढ़ोतरी हुई।
गौतम गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला हॉर्टिकल्चर विकास समिति तथा कृषि विकास की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में बोल रहे थेे। उन्होंने कहा कि मृदा कार्ड का बेहतर उपयोग हो और किसानों को उन्नत किस्म की खाद और अन्य उर्वरक मिले इसके लिए विभाग के अधिकारी समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को नई तकनीक के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जिन काश्तकारों को भुगतान होना था यह राशि समय पर उनके खाते में सीधा चला जाए, इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारी लीड बैंक अधिकारी से समन्वय स्थापित कर कार्य करें। अगर किसी काश्तकार को क्लेम राशि मिलने में परेशानी आ रही हो तो उसका निस्तारण किया जाए। कृषि विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि फसल बीमा योजना में किसानों को अनावश्यक रूप से बैंक अथवा विभाग के चक्कर ना निकालने पड़े।
गौतम ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत बागवानी फसलों, फल-सब्जियों व मसाले सहित, ग्रीन हाउस निर्माण, वर्मी कंपोस्ट इत्यादि के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए काश्तकारों के वास्ते जो विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं उनकी क्रियान्वति  धरातल पर समुचित रूप से हो इसके लिए इसमें रूचि रखने वाले काश्तकारों को योजना के तहत दी जाने वाली सहायता और अनुदान आदि प्रावधानों के बारे में बताएं। साथ ही जिले में नए उद्यानों की स्थापना करने के लिए भी स्थानीय काश्तकारों को प्रोत्साहित किया जाए ताकि अधिकाधिक लोग उद्यानों की स्थापना कर सकें।  वर्मी कंपोस्ट खाद के निर्माण और भंडारण के लिए भी काश्तकारों को मोटिवेट किया जाए और जहां बड़े स्तर पर वर्मी कंपोस्ट को तैयार किया जा सकता है वहां इसे मनरेगा से भी जोड़ा जाए ताकि बेहतर खाद मिलने के साथ-साथ लोगों को रोजगार से भी जोड़ा सके।
उन्नत किस्म के बीजों की दें जानकारी
जिला कलेक्टर ने विभाग के अधिकारियों से कहा कि समय-समय पर काश्तकारों को उन्नत किस्म के बीज पौध, यूरिया आदि उपलब्ध करवाएं। पंचायत समिति स्तर पर काश्तकारों में इनका समुचित वितरण हो। किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ लॉटरी के माध्यम से बीज का वितरण किया जाए। यह व्यवस्था मांग और आपूर्ति के सिद्धांत के तहत हो । अगर मांग अधिक हो और बीज कम उपलब्ध हो तो लाॅटरी के माध्यम से वितरण किए जाएं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी और पर्यवेक्षक भी समय-समय पर गांव में जाकर काश्तकारों को राज्य सरकार तथा भारत सरकार की विभिन्न योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा परंपरागत कृषि विकास योजना के बारे में विस्तार से बताएं ताकि किसान इन योजनाओं का लाभ ले सकें। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

COMMENTS

WORDPRESS: 0