सोने की कीमतों में फिर आई गिरावट , जानिए नई कीमत

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आज एक ओर जहां शेयर बाजार (Share Market Latest Update) गिरावट के साथ खुला, वहीं सोने में भी गिरावट (Gold price fall) देखने को मिली। कल 49,508 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ सोना (Gold price today) आज सुबह करीब 108 अंकों की गिरावट के साथ 49,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। इसके बाद भी सोने की गिरावट लगातार बढ़ती ही चली गई। शुरुआती कारोबार में सोने ने 49,417 का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि 49,255 रुपये के न्यूतनतम स्तर तक भी चला गया।

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हाजिर मांग कमजोर पड़ने के साथ सटोरियों के सौदे कम करने से वायदा बाजार में सोना बुधवार को 1.36 प्रतिशत टूटकर 49,698 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अक्टूबर महीने की डिलिवरी के लिये सोना 683 रुपये यानी 1.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49,698 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसमें 8,176 लॉट के लिये कारोबार हुआ। वहीं, न्यूयार्क में सोने का भाव 1.48 प्रतिशत गिरकर 1,879.30 डॉलर प्रति औंस रहा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नरमी के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमत 614 रुपये घटकर 50,750 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गयी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले दिन के कारोबार में यह 51,364 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत में 614 रुपये की गिरावट रही।’’ अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,874 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर था। उन्होंने कहा कि सोने की कीमत डॉलर में मजबूती के चलते गिरावट में रही, क्योंकि निवेशकों ने वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर के डर से सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को तरजीह दी।

डेढ़ महीने में करीब 4500 रुपये सस्ता हुआ सोना

पिछले महीने 7 अगस्त को सोने ने वायदा बाजार में अपना उच्चतम स्तर छुआ था और प्रति 10 ग्राम की कीमत 56,200 रुपये हो गई थी। तब से लेकर पिछले कारोबारी हफ्ते के खत्म होने यानी शुक्रवार तक सोने की कीमतों में करीब 4500 रुपये की गिरावट आई है। वैसे तो ये वक्त सोना खरीदने के लिए बहुत अच्छा है, लेकिन सर्राफा बाजार में कम मांग की वजह से भारी डिस्काउंट देने के बावजूद लोग पहले की तरह सोने की ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं।

इस बार फेस्टिव सीजन में भी कम रहेगी मांग

अक्टूबर-नवंबर के दौरान अमूमन सोने की मांग काफी बढ़ जाती है। इसकी वजह है फेस्टिव सीजन का आना। दिवाली के करीब सोना हमेशा चमकता है, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार लोगों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ा है। मुंबई के एक गोल्ड डीलर का कहना है कि इस बार फेस्टिव सीजन के दौरान भी मांग कम ही रहने का अनुमान है, क्योंकि कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं।

कोरोना काल में सोना बना वरदान

सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।

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