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मजदूरों को शहरों में रहने के लिए घर देगी सरकार, बिना राशन कार्ड भी मिलेगा अनाज

मजदूरों को शहरों में रहने के लिए घर देगी सरकार, बिना राशन कार्ड भी मिलेगा अनाज  मजदूरों को शहरों में रहने के लिए घर देगी सरकार, बिना राशन कार्ड भी मिलेगा अनाज sitharmaan

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना संकट से निपटने के लिए जारी हुए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की दूसरी किस्त के बारे में जानकारी दी। किसानों, पलायन करने वाले मजदूरों, रेहड़ी पटरी वालों, छोटे कारोबारियों के लिए वित्त मंत्री ने कई बड़े ऐलान किए। आइए जानते हैं, पैकेज की दूसरी किस्त में किसे क्या मिला…

8 करो़ड़ मजदूरों को बिना राशन कार्ड मिलेगा मुफ्त राशन: अगले दो महीने के लिए पलायन करने वाले सभी मजदूरों को मुफ्त राशन मिलेगा। ऐसे मजदूर जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें 5 किलो चावल या गेहूं और एक किलो चना दिया जाएगा। इससे पहले जो मुफ्त राशन के ऐलान किए गए थे, उसके तहत राशन कार्ड धारकों को ही अनाज मिल रहा था, लेकिन अब बिना दस्तावेज के ही मिलेगा। यह राशन राज्य सरकारों की ओर से वितरित किया जाएगा। इससे देश के 8 करोड़ मजदूरों को फायदा होगा, इस पर सरकार की ओर से 3,500 करोड़ रुपये की रकम खर्च की जाएगी।

मार्च 2021 तक वन नेशन, वन राशन कार्ड: पूरे देश के लिए एक ही राशन कार्ड चलेगा। इससे देश के 67 करोड़ गरीबों को लाभ होगा। मार्च, 2021 तक यह काम पूरा हो जाएगा। इससे पलायन करने वाले मजदूरों को बड़ी राहत मिल सकेगी, जिन्हें पलायन के बाद समस्या का सामना करना पड़ता था। वन नेशन, वन राशन कार्ड के जरिए मजदूर देश में कहीं भी राशन डिपो से अनाज हासिल कर सकेंगे। मजदूरों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम: शहरी गरीबों और मजदूरों के लिए रेंटल हाउसिंग स्कीम की शुरुआत की जाएगी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए ये आवास तैयार किए जाएंगे। जिनमें मजदूरों को रहने की सुविधा दी जाएगी। बेहद मामूली किराये पर मजदूरों को यह सुविधा दी जाएगी। इस पर जल्दी ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इस स्कीम को पीएम आवास योजना के तहत लॉन्च किया जाएगा। उद्योगपति यदि अपनी ही भूमि पर बनाना चाहें तो उन्हें भी सरकार की ओर से मदद दी जाएगी।

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