राज्यपाल ने मीडिया के सामने रखा पिछले 1 वर्ष में किए कार्यों का ब्यौरा

राज्यपाल ने मीडिया के सामने रखा पिछले 1 वर्ष में किए कार्यों का ब्यौरा  राज्यपाल ने मीडिया के सामने रखा पिछले 1 वर्ष में किए कार्यों का ब्यौरा 640 6401599650916txad Kalraj Mishra

जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र को राजस्थान के राज्यपाल के रूप में शपथ लिए 1 वर्ष पूरा हो गया है. 1 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आज राज्यपाल कलराज मिश्र ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की. उन्होंने 1 वर्ष में किए अपने कार्यों का ब्यौरा दिया और पत्रकारों के सवालों के जवाब भी दिए. इस दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि वह संविधान के दायरे में रहकर ही कार्य कर रहे हैं. राज्य सरकार को विकास कार्यों में पूरा सहयोग दे रहे हैं, जहां सलाह देने की जरूरत है वहां मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को बुलाकर परामर्श भी दे रहे हैं. हालिया राज्य सरकार के साथ हुए विवाद पर भी राज्यपाल ने अपने विचार प्रकट किए.

राज्यपाल ने मीडिया के सामने रखा पिछले 1 वर्ष में किए कार्यों का ब्यौरा prachina in article 1

50 लाख की सहायता राशि जलभराव क्षेत्रों के निवासियों के लिए प्रदान की: 
राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि राजस्थान वीरों की भूमि है. इसलिए पिछले वर्ष मैंने सबसे पहले अमर जवान ज्योति पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुरुआत की थी. पिछले वर्ष कोटा संभाग में बाढ़ आई, तो मैंने तत्काल एरियल सर्वेक्षण किया. राज्यपाल राहत कोष बना हुआ था, लेकिन उसका उपयोग समुचित तरीके से नहीं हो पा रहा था. मैंने उसकी जानकारी लेकर 50 लाख की सहायता राशि जलभराव क्षेत्रों के निवासियों के लिए प्रदान की. इस राहत कोष से मदद करने का दायरा बढ़ाया गया है. 18 वर्ष बाद पहली बार मैंने राज्यपाल राहत कोष को लेकर बैठक ली. अब इस राहत कोष से अकाल, बाढ़, दुर्घटना, प्राकृतिक आपदाओं में लोगों के लिए सहायता करने का प्रावधान किया है. साथ ही महामारी में औषधि और उपकरण खरीद हेतु सहायता, गंभीर रोगियों के उपचार हेतु एकमुश्त सहायता, भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों आदि स्थितियों में सहायता देने के प्रावधान किए गए हैं.

आमजन को जागरूक करने के लिए संदेश दिए:
इस बैठक के बाद राहत कोष में 56 लाख रुपए की राशि दानदाताओं द्वारा दी गई है. राहत कोष से 20 लाख रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष में और 20 लाखों रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर फंड में दी गई. 10 लाख रुपए की राशि पीपीई किट और अन्य सामग्री के लिए उपलब्ध कराई गई थी. मैंने इसके लिए एक माह का वेतन दान किया और प्रत्येक माह का 30% वेतन ना लेने का निश्चय किया. राज्य सरकार चूंकि कोरोना के गंभीर मरीजों को 40 हजार का इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध करा रही है. इसके सहायतार्थ मैं फिर से 20 लाख रुपए की धनराशि प्रदान कर रहा हूं. कोरोना की इस लड़ाई में राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए मैंने चिकित्साकर्मियों, पुलिसकर्मियों, जिला प्रशासन के लोगों का हौसला बढ़ाया. आमजन को जागरूक करने के लिए संदेश दिए. मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री और जिला कलेक्टरों से भी वार्ता की. विश्वविद्यालयों को स्मार्ट बनाने पर भी फोकस किया है.

कुलपति चयन की प्रक्रिया सर्च कमेटी के जरिए होती है:
राज्यपाल ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि जुलाई में राज्य सरकार के साथ विधानसभा सत्र आहूत करने को लेकर जो विवाद हुआ. उसमें मैंने संवैधानिक दायरे में रहकर ही अपना कार्य किया. 21 दिन के नोटिस का नियम है, और उसी अनुरूप मैंने पत्र लिखा था. राजभवन का घेराव किए जाने और विधायकों की नारेबाजी को लेकर राज्यपाल ने कहा कि उस समय काफी कुछ कहा गया, लेकिन अब वह पुरानी बात हो चुकी है. फर्स्ट इंडिया न्यूज़ संवाददाता ने कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर जब राज्यपाल से पूछा कि एक तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश में नौकरियों को प्रदेश के युवाओं के लिए आरक्षित करने की बात कर रहे हैं, वहीं राजभवन लगातार दूसरे प्रदेशों के शिक्षाविदों को प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्त कर रहा है. इस पर राज्यपाल ने कहा कि कुलपति चयन की प्रक्रिया सर्च कमेटी के जरिए होती है और इसमें मुख्यमंत्री और राज्यपाल की सहमति से ही कुलपति लगाए जाते हैं.

COMMENTS