अवैध आरा मशीनों की धरपकड़ करें-गौतम

अवैध आरा मशीनों की धरपकड़ करें-गौतम  अवैध आरा मशीनों की धरपकड़ करें-गौतम 20191010 154248

बीकानेर,जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जिले में जितने भी ईंट-भट्टे तथा जिप्सम खनन क्षेत्र में जो फैक्ट्रियां लगी है, उनसे प्रदूषण न फैले इसके लिए वन विभाग समय-समय पर निरीक्षण करें। गौतम ने कहा कि सभी फैक्ट्रियों के पास इस तरह के संसाधन हो जिनसे कम से कम प्रदूषण फैले। साथ ही लाइसेंसशुदा आरा मशीन के मालिक पेड़ों की अवैध कटाई ना करें इसका भी ध्यान रखा जाए तथा जो लकड़ियां काटकर बेचने के लिए भेजी जाती है उनमें आवश्यक कागजात साथ होने चाहिए ताकि स्पष्ट हो सके वाहन में लदी हुई लकड़ियां काटने योग्य थी और वन विभाग की इजाजत के बाद ही इन्हें काटा गया।
गौतम गुरुवार को अवैध आरा मशीन नियंत्रण हेतु गठित जिला स्तरीय समिति, जिला पर्यावरण समिति तथा राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की रोकथाम एवं मोरों के संरक्षण हेतु गठित जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण ना बिगड़े इसके लिए वन विभाग सहित संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें।  बैठक में बताया गया कि बीकानेर में 39 लाइसेंस शुदा आरा मशीनें हैं जिनमें से 15 आरा मशीनों का लाइसेंस नवीनीकरण कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसी तरह की आरा मशीन लकड़ी काट ने के काम में नहीं ली जाती है। जिला कलक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर आरा मशीन का उपयोग होता है उस स्थान का भी समय-समय पर निरीक्षण किया जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यहां आई सभी लकड़ियां वैध रूप से काटकर लाई गई है। यदि विभाग को अवैध आरा मशीनें संचालन की जानकारी मिले तो इन मशीनों के जब्ती की कार्यवाही की जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार ना हो इसके लिए संरक्षण समिति नियमित रूप से भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी स्थान विशेष पर मोरों का शिकार किये जाने की सूचना आती है तो वन विभाग, समिति के सदस्यों तथा पुलिस के साथ मिलकर कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि मोर का शिकार करता कोई व्यक्ति पकड़ में आए तो उसे संबंधित थाने में रखा जाए। इसके लिए सक्षम स्तर से आदेश जारी करवाकर सभी थाना अधिकारियों को पाबंद करवाया जाएगा कि थाना अधिकारी वन विभाग तथा जिला स्तरीय कमेटी के सदस्यों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। बैठक में मुखराम धारणिया ने कहा कि समिति को एम्बुलंस प्राप्त हुई है इसमें अगर वाहन चालक वन विभाग की तरफ से उपलब्ध हो जाए तो इस एंबुलेंस के माध्यम से दूर-दराज में बीमार होने वाले जानवर और पक्षियों का इलाज के लिए निर्धारित स्थान तक समय पर लाया जा सकता है। इस पर जिला कलक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बारे में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार से दिशा निर्देश लेकर जल्द ही वाहन चालक उपलब्ध करवाया जाए। बैठक में सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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