बीकानेर की मनोत कारीगरी पर हुआ ऐतिहासिक संवाद ,फेस्टिवल में बिखरी लोक धुनों की स्वर लहरियां

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लोकायन संस्थान द्वारा बीकानेर में आयोजित हो रहे “बीकानेर कला, थिएटर एवं संस्कृति फेस्टिवल” में गुरुवार को कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 11 बजे भोपाल की सिरेमिक कलाकार शम्पा शाह के साथ ‘कला संवाद’ से हुई. शम्पा शाह ने बीकानेर के कथाकार अनिरुद्ध उमट के साथ अपनी सृजन यात्रा को साझा किया। सुबह 12 बजे आयोजित हुए ‘कृति चर्चा’ कार्यक्रम में डॉ प्रभात रंजन से उनकी लिखी पुस्तक ‘पालतू बोहेमियन’ के बहाने मनोहर श्याम जोशी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर संवाद किया साहित्य प्रेमी और सितार वादक डॉ असित गोस्वामी ने.
फेस्टिवल से जुड़े नवल किशोर व्यास ने बताया कि फेस्टिवल में शाम को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की कड़ी में शाम 5 बजे ‘कला संवाद’ श्रृंखला में बीकानेर की पारम्परिक और अद्भुत कारीगरी मनोत पर कला विशेषज्ञ शैनेन डेविस और अधिराज सिंह देवड़ा के बीच संवाद कार्यक्रम हुआ जिसमे दोनों विशेषज्ञों ने बीकानेर में मनोत कारीगरी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शकों के सामने रखा. शाम को 6 बजे ‘कलाओं में आम जन की भागीदारी और उसमे सरकार की भूमिका’ पर जयपुर के कला एवं संस्कृति विवेचक राजाराम भादू, जयपुर आर्ट समिट के निदेशक एस के भट्ट एवं पेंटर अमित कल्ला ने अपने विचार रखे.
 सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में शाम को 7 बजे बीकानेर के लोक गायक मास्टर भंवर द्वारा लोक गीतों की प्रस्तुति दी गयी. मास्टर भंवर ने कार्यक्रम की शुरुआत “पधारो म्हारे देश” से की तथा उसके बाद ‘बादिला म्हणे एकलड़ी मत छोड़ो’ तथा “थारे रे कारनिये रे ढोला” जैसे अनेक लोक गीत सुनाये। देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में इंदौर के युवा बैंड “कबीर स्टूडियो” द्वारा ‘तू पीले अमिरस धारा” “मत कर माया को अहंकार’ तथा हेली के भजन को गिटार द्वारा प्रस्तुत किया। गुरुवार के कार्यक्रम का समापन थिएटर के अंतर्गत रात्रि 8 बजे मंटो की कहानी पर आधारित नाटक ‘काली सलवार’ नाटक का मंचन हुआ जिसका निर्देशन पूजा जोशी ने किया।
लोकायन के अध्यक्ष महावीर स्वामी ने जानकारी दी कि फेस्टिवल में शुक्रवार को रंग संवाद, कला संवाद तथा शिक्षा संवाद के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में लोक गीत, चंग धमाल और नाट्य मंचन के अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। फेस्टिवल का समापन 30 जनवरी को आयोजित होगा जिसमे पूरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का ऑनलाइन प्रसारण किया जायेगा।

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