डूंगर काॅलेज मंें हुआ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के ब्रोशर का लोकार्पण

डूंगर काॅलेज मंें हुआ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के ब्रोशर का लोकार्पण hindi news डूंगर काॅलेज मंें हुआ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के ब्रोशर का लोकार्पण Photo Dung

बीकानेर  राजकीय डूंगर महाविद्यालय में आगामी अक्टूर माह में विकिरण जैविकी पर आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के ब्रोशर का लोकार्पण किया गया।  संयोजक डाॅ. राजेन्द्र पुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी एवं गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह रहे तथा  समारोह की अध्यक्षता वेटेरीनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने की।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्राचार्य डाॅ. सतीश कौशिक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।  डाॅ. अरूणा चक्रवर्ती ने इण्डियन सोसायटी फोर रेडियेशन बायोलोजी की राष्ट्रीय अघ्यक्ष डाॅ. मधु बाला के शुभकामना सन्देश का पठन किया।  सहायक निदेशक डाॅ. राकेश हर्ष ने औषधियों पादपों से केन्सर बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि विकिरण एवं केन्सर जैविकी के क्षेत्र में औषधिय पादपों का विशेष महत्व है।
डाॅ. बी.डी.कल्ला ने कहा कि विकिरण के प्रकोप से बचने के लिये गोबरी घर बहुत फायदेमंद होते हैं तथ सरकार इस तरफ गम्भीर प्रयास कर रही है।  उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन से विकिरण के दुष्प्रभावों एवं उनके उपचार के बारे में नवीनतम जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।  डाॅ. कल्ला ने उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी से कहा कि डूंगर एवं एम एस काॅलेज के विश्वविद्यालय का संघटक महाविद्यालय बनाया जावे।  डाॅ. कल्ला ने जैविकी खेती की महती आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे जमीन की उर्वरा शक्ति और बढ़ेगी तथा इससे प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन हेतु डूंगर काॅलेज के प्राचार्य एवं प्राणीशास्त्र विभाग को बधाई दी।  भाटी ने विकिरण के बढ़ते उपयोग एवं उसके दुष्प्रभावों पर गहरी चिन्ता व्यक्त की।  उन्होनें बड़ी संख्या में उपस्थित संकाय सदस्य एवं विद्यार्थियों का आह्वान किया आंवला, ग्वार पाठा, तुलसी, पोदीना आदि का अधिकाधिक इस्तेमाल करें ताकि केन्सर जैसे गम्भीर रोगों से बचा जा सके।  भाटी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किये गये विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।  उन्होंने कहा कि 50 नये महाविद्यालय खुलने से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा ग्रहण के अवसर प्राप्त हुए हैं तथा साथ ही 1000 शिक्षकों के नये पद भरे जायंेगे एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों के रिक्त पदों को भी शीघ्र ही भरा जायेगा।  उन्होनें कहा कि लगभग 150 राजकीय महाविद्यालय में 39 रोजगारोन्मुखी कोर्स प्रारम्भ किये गये हैंे जिससे विद्यार्थियों को रोजगार को अच्छे अवसर सुलभ हो सकेगें।
विशिष्ट अतिथि गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह ने कहा कि विकिरण जैविकी पर होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय सामयिक है। उन्होंने कहा कि विकिरण के प्रभावों को और अधिक गहराई से समझने की आवश्यकता है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में वेटेरीनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.विष्णु शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होने से अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रति जन जाग्रति बढ़ेगी एवं विश्वभर के वैज्ञानिकों को इससे जुड़ाव बढ़ेगा। विभाग प्रभारी डाॅ. मीरा श्रीवास्तव ने विषय प्रवर्तन के साथ ही सभी आगन्तुकों एवं अतिथियों का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभिन्न महाविद्यालयों के संकाय सदस्य एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

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