विचारों की इम्युनिटी को वर्तमान में बढ़ाना जरूरी है वो भी सकारात्मक सोच के साथ: नवीन जैन

विचारों की इम्युनिटी को वर्तमान में बढ़ाना जरूरी है वो भी सकारात्मक सोच के साथ: नवीन जैन  विचारों की इम्युनिटी को वर्तमान में बढ़ाना जरूरी है वो भी सकारात्मक सोच के साथ: नवीन जैन WhatsApp Image 2021 05 01 at 7

विचारों की इम्युनिटी को वर्तमान में बढ़ाना जरूरी है वो भी सकारात्मक सोच के साथ: नवीन जैन mr bika fb post

कोविड काल मे कैसे रहे सकारात्मक पर राष्ट्रीय वेबिनार में दो हजार से अधिक लोगों ने की भागीदारी।

विचारों की इम्युनिटी को वर्तमान में बढ़ाना जरूरी है वो भी सकारात्मक सोच के साथ: नवीन जैन prachina in article 1

बीकानेर। वर्तमान समय में शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ जरूरी है विचारो की इम्यूनिटी को बढ़ाने की और उसके लिए जरूरी है कि हम सभी सकारात्मक सोच के साथ विचारो का आदन-प्रदान करें। यह बात वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक अधिकारी मोटिवेशनल स्पीकर नवीन जैन ने महाराज गंगासिंह विश्वविद्यालय के कॅरिअर कॉउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल की ओर से आयोजित कोविड के दौर में सकारात्मक कैसे रहे विषयक राष्ट्र्ीय आॅनलाइन वेबीनार के माध्यम से कहीं।  जैन ने कहा कि विचारो की खतरानक तरीके से होती है, इसलिए सुरक्षित व स्वस्थ लोगों की ज्यादा जिम्मेदारी है कि वो सही व तथ्यात्मक सूचनाओं को वर्तमान में आदान-प्रदान करने में मदद करें। उन्होंने कहा कि फेथ और होप के साथ हमारे आगे बढ़ना है और मन की ताकत को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि नकारात्क न्यूज से दूर रहे और उसे आगे प्रेषित करने से बचे। श्री जैन ने कहा कि वर्तमान में अति आत्मविश्वास से स्थितियां खराब हुई है इसलिए इस दौर में सुरक्षित और स्वस्थ लोगों को ज्यादा जिम्मेदारी होती है कि वो सकारात्मक सूचनाओं को संचार करें।
वेबीनार की अध्यक्षता करते हुए एमजीएसयू के कुलपति प्रो. वी.के. सिंह ने कहा कि खुद को शांत रखने के लिए इमोशनल इम्युिनटी का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इससे ही हम दूसरो को खुश रख पायेंगे। हमें हर हाल में सकारत्मक रहना होगा। हम क्या पढना और देखना पसंद करते हैं यह पूरी तरह हम पर निर्भर करता है। इसलिए हमेशा सकारात्क खबरों को पढे और जाने की दुनिया में क्या अच्छा हो रहा हैं। उन्हांेने कहा कि वर्तमान स्थिति में सभी चिंतित हैं विशेष तौर पर विद्यार्थियों में अपने कॅरिअर को लेकर काफी चिंतित है, इसलिए इस विशेष ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया ताकि विद्यार्थियों सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए जीवन में सफलता प्राप्त कर सके।
वेबिनार आयोजन सचिव तथा सीसीपीसी की समन्वयक डॉ. अम्बिका ढाका ने स्वागत तथा विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इस महामारी के फलस्वरूप प्रतिदिन हमारे संबंल, आत्मबल, आत्मशक्ति, मनोबल और शारीरिक क्षमता का परीक्षण होता है जिसमें विवेकपूर्ण,धैर्यवान, तटस्थ और जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार ही संकटकाल में हमारा सारथी है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. चन्द्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि  इस आॅनलाइन वेबिनार में भारत वर्ष के विभिन्न हिस्सों से करीब दो हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी करते हुए वर्तमान समय में कैसे रहे सकारात्मक सेमिनार की सराहना की और महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की सकारात्मक पहल का स्वागत करते हुए भागीदारी करने वालों ने धन्यवाद भी ज्ञापित किया। डाॅ. श्रीमाली ने बताया कि भागीदारी करने वाले प्रतयेक प्रतिभागी को विश्वविद्यालय द्वारा ई-प्रमाण पत्र भेजा जाएगा। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव संजय धवन ने सभी को आभार प्रकट करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय अध्यापन के साथ सामाजिक दायित्वों को निर्वहन भी करता है इसी कड़ी मे यह वेबिनार का आयोजन किया गया है और आगे भी इस प्रकार के आयोजन कर समाज में सकारात्मक सोच रहे का प्रयास किया जाएगा। वेबिनार का संयोजन करते हुए इंजी. प्रशान्त जोशी ने सभी का परिचय देते हुए वर्तमान समय में इस प्रकार की सेमिनार की आवश्यकता बताई।

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