लाॅकडाउन खत्म हुआ है, कोरोना नहीं, एडवाइजरी की करें पालना , पढे पूरी खबर

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बीकानेर,  जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा की लॉकडाउन खत्म हुआ है साथ ही निषेधाज्ञा में कुछ छूट प्रदान की गई है मगर कोरोना खत्म नहीं हुआ है इसलिए सभी को चाहिए कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नियमों की अनुपालना करें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अथवा किसी कार्य से बाहर जाने या घर से बाहर किसी भी कार्य से निकले तो मास्क आवश्यक रूप से लगाएं।  अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना एडवाइजरी की पालना नहीं करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूल किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी एरिया मजिस्ट्रेट अपने-अपने थाना क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण करें और इस दौरान मजिस्ट्रेट के साथ संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी भी साथ रहेंगे। जहां भी एडवाइजरी की पालना नही होती हो वहां संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्यवाही  की जाए।
मेहता शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कोविड-19 से जुड़े एरिया मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी एरिया मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित कर लें कि भ्रमण के दौरान अगर किसी दुकानदार द्वारा भी कोविड-19 एडवाइजरी की पालना नहीं की जाती है तो दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी तरह उपखंड मुख्यालय पर सभी उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारी भी लगातार भ्रमण कर अपने-अपने क्षेत्र में कोविड-19 एडवाइजरी की पालना सुनिश्चित करवाएंगे। उन्होंने कहा कि रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की गई है, अगर इस दौरान भी व्यक्ति मोहल्ले में घूमते हुए या सार्वजनिक स्थान पर बैठे हुए मिलते हैं तो उनके विरोध भी एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्यवाही की जाए।

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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो होगी एफआईआर
जिला मजिस्ट्रेट ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि वे अपने अपने मोबाइल में यह भी देखें कि अगर कोरोना को लेकर किसी तरह की गलत जानकारी अथवा कोई भ्रामक समाचार सोशल मीडिया पर प्रसारित होता है तो ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध भी एपिडेमिक एक्ट में एफ आई आर दर्ज की जाए। उन्होंने आमजन से भी आग्रह किया कि वे तथ्यों के बगैर वेरिफिकेशन के सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो अथवा समाचार प्रसारित न करें जो सत्यता से परे हो। अगर फैक्ट वेरिफिकेशन के बगैर किसी ने कोई समाचार या वीडियो डाला तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। सभी लोग जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करें और अफवाहों पर ध्यान ना दें।

भवन संचालक करें सहयोग अन्यथा होगी कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट मेहता ने बैठक में सभी अधिकारियों से कहा कि प्रशासन द्वारा शहर के कुछ भवनों को कॉविड केयर सेंटर की तरह संचालित किया जा रहा हैं । इन सभी भवन संचालकों को राजकीय नियमों के तहत वे सभी भुगतान किए जा रहे हैं जो होने चाहिए । मगर वर्तमान में जब पूरे देश में महामारी का माहौल है ऐसे में भवन संचालक भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए प्रशासन और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोग करें। अगर किसी भवन संचालक द्वारा अनावश्यक रूप से कोरोना रोगी जहां रहते हैं वहां किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न की तो उनके विरुद्ध भी एपिडेमिक एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कोविड-19 की जांच के समय भरना होगा फॉर्म
जिला कलेक्टर नमित मेहता मेहता ने चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शनिवार से जिन संभावित कोरोना रोगियों के सैंपल लिए जाते हैं उन सब से फाॅर्म भरवाते हुए हस्ताक्षर करवाए जायेंगे, जिसमें उनके द्वारा यह घोषणा की जाएगी कि कोरोना की जांच रिपोर्ट आने तक वे घर में रहंेगे और जिला मुख्यालय से बाहर नहीं जाऐंगे। अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आ जाता है और जब उसके घर से उसे लेने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम जाती है उस पर अगर यह जानकारी प्राप्त हुई कि संबंधित व्यक्ति जिले से बाहर चला गया है तो उसके विरुद्ध भी एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव व्यक्तियों के मोबाइल से यह भी पता लगाया जाएगा कि वह पिछले 1 सप्ताह में किन-किन क्षेत्रों में घूमा और कहां-कहां गया है अगर संबंधित व्यक्ति द्वारा अपने कांटेक्ट में आने वाले व्यक्तियों की जानकारी प्रशासन और चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को गलत दी जाती है तो उसके विरूद्ध भी कार्यवाही की जाएगी।

गंभीर रोगियों को नहीं देते ओरल दवा
बैठक में जिला कलेक्टर मेहता ने अधीक्षक पीबीएम अस्पताल मोहम्मद सलीम से यह जानना चाहा कि कॉविड केयर सेंटर में जो गंभीर रोगी आते हैं उन्हें दवा किस प्रकार दी जाती है ।  इस पर अधीक्षक ने बताया कि यहां आने वाले ह्रदय, गुर्दा और शुगर के रोगियों को पुरानी दवाएं बंद कर दी जाती है और सभी दवाएं इंजेक्शन के द्वारा दी जाती है। ऐसा उन सभी गंभीर रोगियों के साथ किया जाता है जो कोविड केयर सेंटर में भर्ती रहते हैं और जब उन्हें छुट्टी दी जाती है तो घर से लाई हुई संपूर्ण दवाएं उनको पुनः लौटा दी जाती है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) ए.एच. गौरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) सुनीता चैधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मीणा, पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ मोहम्मद सलीम, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी कनिष्क कटारिया सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।

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