शरह नथानिया गोचर में सूखा बंदरगाह कंटेनर यार्ड खोलने के विरोध में ज्ञापान

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संयुक्त गोचर विकास एवं गौ संरक्षण मोर्चा के द्वारा बीकानेर जिला कलेक्टर बीकानेर के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार, विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान, प्रतिपक्ष नेता, प्रतिपक्ष उपनेता, पशुपालन मंत्री, गोपालन मंत्री, मुख्य सचिव राजस्थान सरकार, संभागीय आयुक्त बीकानेर, जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, व प्रधान न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय, प्रधान न्यायाधीश उच्च न्यायालय जोधपुर, रजिस्ट्रार उच्चतम न्यायालय  दिल्ली, रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय जोधपुर, को ज्ञापन प्रेषित कर सरह नाथानिया गोचर में खुलने जा रहे “सूखा बंदरगाह कंटेनर यार्ड”” का मोर्चे के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया ।

इस अवसर पर मोर्चे के सदस्य सूरजमालसिंह नीमराना ने कहा कि सरकार हर बार बीकानेर की गोचर को खत्म करने के लिए तत्पर रहती है। पिछली बार भी आप की सरकार ने गोचर में बस रही कॉलोनियों को पट्टे देने की बात कही उसका पुरजोर विरोध पूरे राजस्थान में हुआ और हमारे कई गौ सेवी संगठन, गौचर विकास समितियां माननीय उच्च न्यायालय के शरण में गई और माननीय उच्च न्यायालय ने गोचर का उपयोग किसी भी रूप में नहीं करने का स्थगन आदेश भी प्रदान किया।

परंतु फिर भी बीकानेर जिला प्रशासन माननीय उच्च न्यायालय के (स्टे) स्थगन के आदेश की अवमानना करते हुए बीकानेर की शरह नथानिया गौचर में “”सूखा बंदरगाह कंटेनर यार्ड”” काटने की बात कर रहा है, जो कि सरासर माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना है,ओर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की भी अवहेलना है,व आमजन की भावना की भी अवहेलना है ।

इस अवसर पर संयुक्त गोचर विकास मोर्चा के संयोजक मनोज कुमार सेवक ने कहा कि राज्य सरकार वह आपका जिला प्रशासन इस तरह का कार्य हर बार नहीं करें,अन्यथा मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।

इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए संयुक्त गोचर संरक्षक मोर्चा के सूरज प्रकाश राव ने बताया कि 2007 में भी इसी तरह का प्रयास जिला प्रशासन बीकानेर ने किया था, उसका कड़ा विरोध हुआ और प्रशासन को यह स्थान छोड़ना पड़ा था। और 2016 में इस फाइल को बंद कर दिया था, परंतु आज फिर शहर के कुछ एक व्यापारिक संगठनों के दबाव में बीकानेर की गोचर को समाप्त किया जा रहा है, जो कि हम होने नहीं देंगे।

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