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मिडिल क्लास को मिलेगी मदद, RBI की घोषणाओं को PM मोदी ने बताया बड़ा कदम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि RBI ने हमारी अर्थव्यवस्था (Economy) को कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रभाव से बचाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। बता दें कोरोना संकट से बचने के लिए आरबीआई ने शुक्रवार को ब्याज दरों को घटाने समेत कई अहम घोषणाएं की हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से लिक्विडिटी में सुधार होगा, फंड की लागत में कमी होगी, मध्यम वर्ग और व्यवसायों को मदद मिलेगी. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हमारी सरकार इस मुश्किल वक्त में नागरिकों को परेशानियों से बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही हैं कल (गुरुवार) को सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा की तो वहीं आज (शुक्रवार) को आरबीआई ने भारतीय अर्थव्यस्था को बचाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं.

बता दें कोरोना वायरस (coronavirus) से उपजी आर्थिक तबाही के बीच भारतीय रिजर्व बैंक भी मिशन मोड में सामने आया है. आरबीआई ने शुक्रवार को ब्‍याज दरों में भारी कटौती का ऐलान किया है. इसके साथ बैंकों को सलाह दी है कि ग्राहकों को EMI पर 3 महीने की राहत दें. 3 महीने तक ईएमआई नहीं देने पर क्रेडिट स्‍कोर (CIBIL) पर असर नहीं पड़ेगा.

आरबीआई ने रेपो रेट में 0.75% की कटौती का ऐलान किया है. रिवर्स रेपो रेट में 0.90% फीसद की कटौती का ऐलान किया गया है. अब रेपो रेट घटकर 4.4% रह गई है और रिवर्स रेपो रेट घटकर 4% रह गई है. रेपो रेट घटने से EMI कम हो सकती हैं. रिवर्स रेपो रेट घटने से अर्थव्‍यवस्‍था में ज्‍यादा पैसा आएगा. इस तरह आरबीआई ने आम जनता को सहूलियत देने के लिहाज से ये घोषणाएं की हैं.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोरोना लंबा खिंचा तो दुनिया में मंदी आ सकती है. उस मंदी का असर भारत पर भी पड़ सकता है. भारत में कोरोना की वजह से विकास दर कम रहेगी. लिहाजा भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर असर पड़ेगा. अर्थव्‍यवस्‍था में इस वक्‍त अनिश्चितता का माहौल है. हालांकि तेल की गिरती कीमत से लाभ होगा.

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि चुनौती से निपटने के लिए 3 लाख 74 हजार करोड़ की नकदी सिस्‍टम में डाली जाएगी. कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में कटौती एक साल के लिए होगी. इससे बैंकों को 1 लाख 37 हजार करोड़ रुपये मिलेगा. मौजूदा हालात में 5 प्रतिशत की विकास दर हासिल करना भी मुश्किल है. कोरोना संकट की वजह से दुनिया भर के हालात बेहद खराब है.

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