खराब क्वालिटी घी को लेकर अधिकारियों पर चला डंडा, दिए जांच के आदेश

खराब क्वालिटी घी को लेकर अधिकारियों पर चला डंडा, दिए जांच के आदेश  खराब क्वालिटी घी को लेकर अधिकारियों पर चला डंडा, दिए जांच के आदेश ghee

जयपुर: 2017-18 में दूध की अधिक आवक के चलते आरसीडीएफ (RCDF) ने जयपुर डेयरी से अनुंबध के तहत कोटा की एक फर्म शिव हेल्थ फूड को आउटसोर्स के तहत घी बनाने का जिम्मा सौंपा. फर्म ने 1.18 करोड़ रुपए का घी (Ghee) बनाकर आरसीडीएफ को सौंपा था, जिसकी गुणवत्ता तय मापदंड के अनुसार नहीं पाई गई.

खराब क्वालिटी घी को लेकर अधिकारियों पर चला डंडा, दिए जांच के आदेश prachina in article 1

इस पर आरसीडीएफ ने बिक्री पर रोक लगा दी. इसके बावजूद अधिकारियों ने उसे नष्ट नहीं करवाया और बाजार में बेच दिया. कोटा में घी बिक्री होने पर कोटा डेयरी के तत्कालीन एमडी ने शिकायत की. जिस पर आरसीडीएफ ने कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की.

इधर, शिकायत मिलने पर सहकारिता विभाग ने भी जांच शुरू की. रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने निर्देश दिया कि जयपुर डेयरी के तत्कालीन एमडी एसएल जनागल, आरसीडीएफ के महाप्रबंधक एलसी बलाई, उप प्रबंधक एचपी शर्मा, महा प्रबंधक (गुणवत्ता) जेडी सिंह के विरूद्ध राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001 की धारा 57 के तहत वाद दर्ज किया जाए. इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.

जांच में सामने आया कि फर्म को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया. मामले को विश्वास भंग की श्रेणी में माना गया है. रजिस्ट्रार ने माना है कि इस प्रकरण से सरस ब्रांड की साख खराब हुई है. दोषी अधिकारियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराने और राशि वसूलने के निर्देश दिए गए है.

वर्ष  2017-18 में उक्त कंपनी ने 1.18 करोड़ रुपए राशि का खराब घी बाजार में बेच दिया था. इतना ही नहीं, ढाई करोड़ रुपए की बैंक गारंटी और सिक्योरिटी भी जब्त नहीं की गई है.

COMMENTS