राजस्थान में बेरोजगारों के लिए अवसर, 4,022 करोड़ रुपये का जल्द होगा यहां निवेश

राजस्थान में बेरोजगारों के लिए अवसर, 4,022 करोड़ रुपये का जल्द होगा यहां निवेश  राजस्थान में बेरोजगारों के लिए अवसर, 4,022 करोड़ रुपये का जल्द होगा यहां निवेश rajasthan dud

कोविड-19 ने लोगों के जीने का तरीका बदल दिया है. हर क्षेत्र प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से प्रभावित हुआ है. उद्योग-धंधों की रफ्तार पर लगा ब्रेक अनलॉक फेज प्रभावी होने से खुलने लगा है, ऐसे में राजस्थान सरकार भी अपनी नई निवेश प्रोत्साहन नीतियों को भुनाने की तैयारी में हैं.

राजस्थान में बेरोजगारों के लिए अवसर, 4,022 करोड़ रुपये का जल्द होगा यहां निवेश prachina in article 1

इसके लिए प्रदेश के सरकार के उद्योग विभाग ने अपनी नीतियों में अहम बदलाव किए हैं, जिनमें औद्योगिक क्षेत्रों की डिजाइन नए माहौल को देखते हुए तय की जा रही है. मकसद एक ही राजस्थान में नया औद्योगिक निवेश आए, ताकि रोजगार और राजस्व के आंकड़े सुखद स्थिति में हो.

  • कोविड-19 नहीं रोक पाएगा औद्योगिक रफ्तार
  • संक्रमण ने बदला औद्योगिक नीतियों का स्वरूप
  • 4,022 करोड़ रुपये के नए निवेश के लिए तैयार राजस्थान
  • 4,933 नए औद्योगिक प्लॉट्स किए जा रहे विकसित
  • कोराना के चलते अब इंटीग्रेटेड जोन पर फोकस अधिक
  • एक ही क्षेत्र की इकाइयों को समर्पित होंगे औद्योगिक क्षेत्र
  • 10 नए जोन से बदलेगा प्रदेश का निवेश आकार
  • देश और विदेश में होगी मरुधरा में बने उत्पादों की धमक

भारत सरकार भी प्रोजेक्टों में सहयोग की कर रही तैयारी
राजस्थान औद्योगिक निवेश संभावनाओं पर काम कर रहा है. यह तब हो रहा हैं जब कोविड-19 के चलते नए काम-धंधों के सफल संचालन की संभावनाएं कम है. आपदा के बीच में राजस्थान पहला वह राज्य है, जिसने एक साथ 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों को लांच किया है. प्रदेश सरकार 4,022 करोड़ रुपये के नए निवेश की तरफ निगाहें जमाए हुए है, इसमें 4,933 नए औद्योगिक प्लॉट्स विकसित किए जा रहे. एक बड़ा परिवर्तन उद्योग विभाग ने कोविड को देखते हुए किया है जिसमें अब इंटीग्रेटेड जोन पर फोकस अधिक हैं. उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा का कहना हैं कि नई नीतियों के बूते हमें विश्वास है कि महामारी के समय भी निवेश आकर्षित होगा. इसके लिए कई नीतिगत बदलाव किए गए है, इसमें एक ही क्षेत्र की इकाइयों को समर्पित औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या अधिक होगी. पहले चरण में मेडीकल, स्पोर्ट्स गुड्स, सिरेमिक, पेट्रो कैमिकल, हैंड टूल्स जोन, ग्रेनाइन, एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग जोन, ऑर्टिफिशियल ज्वैलरी सहित दस औद्योगिक क्षेत्र खास तौर पर विकसित किए जा रहे हैं.

यह औद्योगिक क्षेत्र होंगे खास

  • स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉयज जोन, खुशखेड़ा
  • पैट्रो कैमिकल जोन, पचपदरा
  • प्लग एंड प्ले जोन, सीतापुरा जयपुर
  • सिरेमिक एंड ग्लास जोन, सोनियाना, चित्तौडगढ़
  • मेडीकल डिवाइसेस पॉर्क, बोरानाड़ा, जोधपुर
  • ऑटिफिशियल ज्वैलरी जोन, बड़गांव, सिरोही
  • एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग जोन, तिवंरी, जोधपुर
  • हैंड टूल्स जोन, गोगेलाव, नागौर
  • फिनटैक पॉर्क, जयपुर

प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत और सीरत बदलने की तैयारी है. एक साथ एस ऐसे जोन विकसित करने से प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में नए रोजगार की संभावनाओं के सृजन होने की उम्मीद हैं. कोविड-19 के बाद मेडीकल जोन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, बोरोनाड़ा में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र के विकास में भारत सरकार ने भी रूचि दिखाई है, वहीं खुशखेड़ा में स्पोर्ट्स गुड्स एंड टॉयज जोन में केंद्र सरकार मददगार बनने की पेशकश कर चुकी हैं. प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह सकारात्मक संदेश कहा जा सकता है.

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से हाल ही में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र लांच करने पर इंडस्ट्रीयल एरिया की संख्या बढ़कर 372 हो गई हैं. प्रदेश सरकार ऑनलाइन भूखंड बिक्री को मिले समर्थन के बाद उत्साहित नजर आ रही हैं. हालांकि चुनौतियां भूखंड बिक्री के बाद अधिक है. लालफीताशाही पर लगाम लगाने के बाद ही निवेश की रफ्तार बढ़ने की संभावना हैं. साथ ही प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर रखने की जिम्मेदारी होगी.

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