“संकट का मुकाबला करता राष्ट्र” विषय पर शहर भाजपा के वर्चुअल सेमीनार का आयोजन

 “संकट का मुकाबला करता राष्ट्र” विषय पर शहर भाजपा के वर्चुअल सेमीनार का आयोजन

बीकानेर।  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के निर्देशानुसार “सेवा ही संगठन-2” अभियान के तहत पार्टी पूरे पूरे देश में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी श्रृंखला में शुक्रवार को शहर भाजपा कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवी वर्ग को सम्मिलित करते हुए  “कोविड-19 की चुनौती और माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में संकट का मुकाबला करता राष्ट्र” विषय पर एक  वर्चुअल सेमीनार जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। भाजपा जिला महामंत्री और वर्चुअल  सेमीनार कार्यक्रम संयोजक मोहन सुराणा ने बताया कि सेमीनार में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता नारायण लाल पंचारिया ने विषय पर विस्तृत उद्बोधन दिया। सेमीनार में रानीवाड़ा विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष और कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक नारायण सिंह देवल भी उपस्थित रहे। सुराणा ने बताया कि वर्चुअल सेमीनार में जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष,जिला महामंत्री, जिला और प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा प्रकोष्ठ पदाधिकारी, विचार  परिवार, मंडल अध्यक्ष, मंडल उपाध्यक्ष, मंडल महामंत्री, प्रबुद्धजन, शिक्षाविद, समाजसेवी, व्यापारियों, उद्योगपतियों इत्यादि श्रेणी के कार्यकर्ताओं  ने हिस्सा लिया।

सेमीनार में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया ने कहा कि पूरे विश्व में फैली हुई कोरोना महामारी के दौरान देश पर आए हुए इतने बड़े संकट को यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सक्षम नेतृत्व, प्रभावी प्रबंधन और कार्यकुशलता के कारण ही अन्य देशों के मुकाबले देश में काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सका। कोविड-19 के प्रबंधन में केंद्र सरकार की व्यापक रणनीति और राजनीतिक प्रतिबद्धता के साथ किये गए  प्रयासों से संक्रमण के मामले और इससे होने वाली मौतों की संख्या को सीमित किया जा सका। उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन सरकार द्वारा लिया गया एक साहसिक कदम था जिसकी शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर विशाल जन समूह द्वारा स्वयं लगाए गए जनता कर्फ्यू के माध्यम से हुई थी इससे साबित होता है कि भारत कोविड-19 प्रबंधन करने के लिए सामूहिक रूप से खड़ा हुआ और देश ने कोविड-19 के प्रकोप को सफलतापूर्वक सीमित किया है।

उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में पहली लहर के दौरान ऑक्सीजन की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र ने सक्रिय कदम उठाए जिसका फायदा दूसरी लहर में मिला।  लॉकडाउन से पहले भारत सरकार ने चीन के और डायमंड प्रिंसेस क्रूज शिप द्वारा जापान, ईरान, इटली और मलेशिया से भारतीय नागरिकों को निकाला था और वंदे भारत मिशन के तहत लाखों यात्रियों को वापिस भारत लाया गया। पंचारिया ने कहा कि महामारी के समय में भी केंद्र सरकार के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के आव्हान पर निर्माण क्षेत्र में प्रगति की जा रही है जो भविष्य में इस तरह की महामारी और आपदाओं से चुनौती करने में हमारा चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगी। महामारी प्रबंधन पर विशेष ध्यान के साथ अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में निवेश किया जा रहा है।

पंचारिया ने कहा कि कोरोना  संकट की घड़ी में केंद्र सरकार की 5 योजनाएं गरीबों के लिए मददगार साबित हुई है जिनमे  प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न  योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, मनरेगा रोजगार सृजन और उज्जवला जैसी  योजनाएं संकट के समय में भी जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान की तरह साबित हुई है।मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने ऐसे साहसिक निर्णय लिए हैं जिनसे एक बड़ी आबादी को इस महामारी की चपेट में आने से बचाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित संस्थान भारत सरकार के इन  निर्णय की प्रशंसा कर चुके हैं जिनमें अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं पर सक्रिय प्रतिबंध, समय पर कठोर लॉकडाउन लगाना, कोविड-19 को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना, कोरोना वायरस वैक्सीन परीक्षण और निर्माण के लिए  उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन, बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान, सांसद निधि को 2 साल के लिए रद्द करना, पीएम केयर्स फंड के जरिए वित्तीय उपलब्धता, अर्थव्यवस्था को आर्थिक मंदी से बचाने के लिए बड़े विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय टीम का गठन करना इत्यादि निर्णय शामिल है। पंचारिया ने कहा कि कोरोना फ्रंट लाइन वर्कर्स का ताली और थाली बजाकर सम्मान, दिव्य और सकारात्मक उर्जा प्रकातिकर्ण,  वैक्सीनेशन में फ्रंटलाइन वर्कर्स और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता देना इत्यादि कदम मोदी सरकार की इन वर्गों के प्रति  संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।

पंचारिया ने कहा कि राजस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री तो पिछले लगभग 15-16 माह से क्वॉरेंटाइन होकर  घर पर ही कैद हैं तो ऐसे मुख्यमंत्री प्रदेश का क्या भला करेंगे। उन्होंने सरकार पर कोरोना टीके को कचरा पात्र में डालने का आरोप लगाते हुए कहा की अभियान की शुरुआत में भी  वैक्सीन के बारे में तरह-तरह के भ्रम फैलाया गए, यहां तक नसबंदी और इससे मृत्यु होने की बात भी कही गई और विपक्ष द्वारा अनर्गल चिल्ला चिल्ला कर मोदी जी को गालियां दी गई।

कोविड का प्रबंधन जब पूरी तरह से केंद्र सरकार के हाथ में था तब राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार को छूट देने की मांग की और जब मोदी जी ने वैक्सीनेशन और अन्य बचाव  कार्य राज्य सरकार के स्तर पर अनुमत कर दिए  तो सभी मुख्यमंत्री बिना वजह योजनाबद्ध ढंग से  केंद्र सरकार को बदनाम करने का कार्य करते रहे और आखिरकार निशुल्क वैक्सीनेशन का कार्य पुनः केंद्र सरकार को अपने हाथ में लेना पड़ा तथा इस समय मोदी जी के नेतृत्व में विश्व का सबसे बड़ा मंगल टीकाकरण अभियान जारी है । पंचारिया  ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रतिवर्ष किसानों के खाते में सीधा पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के प्रधानमंत्री स्वयं यह स्वीकार करते थे कि ऊपर से एक रूपया भेजने पर नीचे तक असली व्यक्ति को  15 पैसा ही पहुंच पाता है।

कोरोना महामारी में ऑक्सीजन आपूर्ति हेतु सेना की मदद के साथ एअरलिफ्ट करवाने, ऑक्सीजन ट्रेन चलवाने  और सभी संसाधनों को झोंकते हुए देश में अल्प समय में ऑक्सीजन की उपलब्धता, दवाई, मास्क और वैक्सीन की उपलब्धता करवाई है जबकि राज्य की कांग्रेस सरकार के पास ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्ट के लिए टैंकर तक नहीं थे, राज्य सरकार ने रेमडेसिविर  इंजेक्शन पंजाब सरकार को दे दिए, पीएम केयर्स फण्ड के वेंटीलेटर्स को इंस्टाल तक नहीं करवाया,टेक्नीशियन नहीं होने का रोना रोया और केंद्र द्वारा दी गयी ऑक्सीजन प्लांट की राशि का भी उपयोग नहीं किया उन्होंने येन केन प्रकारेण मोदी सरकार को योजनाबद्ध ढंग से बदनाम और दोषारोपण करते हुए खाली रोने का कार्य किया है।

पंचारिया ने कहा कि भीषण महामारी में भी मोदी सरकार ने गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड नागरिकों तक मुफ्त अनाज और बीस हजार करोड का पैकेज घोषित कर अकल्पनीय राष्ट्र सेवा का कार्य किया है

रानीवाड़ा विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष और कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक नारायण सिंह देवल ने कहा कि पूर्व में चेचक, पोलियो, खसरा और अन्य बीमारियों की वैक्सीन बरसों बीत जाने के बाद विकसित और वितरित नहीं होती थी  जबकि मोदी सरकार में अत्यंत अल्प समय में आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए स्वदेशी, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली वैक्सीन बनाई गई और देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।

विपक्षी दल के नेताओं ने वैक्सीन के निर्माण होने पर इसे मोदी वैक्सीन बताया, प्रामाणिकता पर सवाल उठाए और स्वयं के शरीर पर प्रयोग नहीं करने जैसे तरह-तरह के भ्रामक प्रचार किए। वर्चुअल सेमीनार का सञ्चालन जिला महामंत्री मोहन सुराणा ने किया और आईटी प्रकोष्ठ संयोजक सुशील आचार्य ने अंत में सभी का आभार ज्ञापित किया।कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य वक्ता से कोविड प्रबंधन के विषय में कुछ प्रश्न भी किये जिनका उचित जवाब मुख्य वक्ता द्वारा दिया गया।

वर्चुअल सेमीनार में भाजपा जिला संगठन प्रभारी ओम  सारस्वत, जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह के साथ प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, प्रदेश कार्यसमिति विशेष आमंत्रित सदस्य एड. मुमताज अली भाटी, जिला महामंत्री मोहन सुराणा, अनिल शुक्ला, नरेश नायक, जिला उपाध्यक्ष अशोक प्रजापत, भानु व्यास, मधुरिमा सिंह, भगवान  सिंह मेड़तिया, निर्मला खत्री, जिला मंत्री अरुण जैन, जिला मंत्री और मीडिया प्रभारी मनीष आचार्य, कौशल शर्मा, प्रोमिला गौतम, इंद्रा व्यास, मंडल अध्यक्ष अजय खत्री, विनोद करोल, नरसिंह सेवग, जेठमल नाहटा, चंद्रप्रकाश गहलोत, मुकेश ओझा, कमल आचार्य, दिनेश महात्मा, एसटी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.अशोक मीणा, ओबीसी मोर्चा  प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमचंद कांटा, मो.रमजान अब्बासी,  डॉ. मीना आसोपा, सुधा आचार्य, किसान मोर्चा अध्यक्ष श्यामसुंदर चौधरी, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष राजाराम बिश्नोई, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष उस्मान गनी, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन छाजेड़, लक्ष्मण मोदी, सोहनलाल चांवरिया, आई टी संयोजक सुशील आचार्य, विजय उपाध्याय, धर्मेन्द्र सिंह सोलंकी, ,मूलचंद नायक,असद रजा भाटी,भारती अरोड़ा,पुखराज स्वामी, मघाराम नाई, सरिता नाहटा, शोभा सारस्वत, रघुनाथ सिंह  इत्यादि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

S.N.Acharya

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