Corona के बाद राजस्थान में इस महामारी का आतंक,अलर्ट पर पूरा राज्य , जाने लक्षण

Corona के बाद राजस्थान में इस महामारी का आतंक,अलर्ट पर पूरा राज्य , जाने लक्षण  Corona के बाद राजस्थान में इस महामारी का आतंक,अलर्ट पर पूरा राज्य , जाने लक्षण jfdj

Corona के बाद राजस्थान में इस महामारी का आतंक,अलर्ट पर पूरा राज्य , जाने लक्षण mr bika fb post

जयपुर: प्रदेश में बर्ड फ्लू (Bird flu) का खतरा बढ़ने से पशुपालन (Animal husbandry) और वन विभाग (Forest department) के हाथ फूल गए हैं. आज राजधानी जयपुर (Jaipur) में भी बर्ड फ्लू से कौवों (Crows) के मृत मिलने से संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया है. एक तरफ देशभर में कोविड (Covid) का खतरा तो दूसरी तरफ बर्ड फ्लू का डर सताने लगा है. कोरोना (Corona) के बाद अब बर्ड फ्लू का डर भी इंसानों को सताने लगा है.

Corona के बाद राजस्थान में इस महामारी का आतंक,अलर्ट पर पूरा राज्य , जाने लक्षण prachina in article 1

बर्ड्स एक्सपर्ट की मानें तो बर्ड फ्लू इंसानों में भी फैलने का डर रहता है. 2017 में देश भले ही बर्ड फ्लू मुक्त घोषित किया जा चुका हो लेकिन तीन साल बाद देश में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे ही है. इस बार प्रदेश के हाड़ौती के झालावाड़ (Jhalawar) जिले से बर्ड फ्लू की शुरुआत हुई है. झालावाड़ (Jhalawar) में 50 कौओं में बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई है. आमतौर पर मुर्गियों में इसका प्रकोप अधिक देखा गया है.

राजस्थान (Rajasthan) में पहली बार बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है. 25 दिसंबर को पहली बार झालावाड़ में कौवों के मरने की सूचना मिली थी, जिसके बाद 27 दिसंबर को मरने के कारणों को जांचने के लिए भोपाल लेब ने सेम्पल भेजे गए, जहां बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई. इसके बाद प्रदेश में लगातार कौवों के मरने की सूचना मिल रही है.

प्रमुख शासन सचिव कुंजी लाल मीणा ने दिए निर्देश
मामले को लेकर पशुपालन निदेशालय में विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजी लाल मीणा (Kunji Lal Meena) और सचिव आरुषि मलिक (Arushi Malik) ने अधिकारियों की बैठक ली ओर बर्ड फ्लू रोकने के तमाम इंतजाम करते हुए रोकने के निर्देश दिए. इस दौरान प्रमुख सचिव कुंजीलाल मीणा ने बताया कि अब तक झालावाड़ में 100 , कोटा में 47, बारां में 72, पाली में 19, जोधपुर में 7 और जयपुर के जलमहल सहित प्रदेश भर में 245 कौवों की मौत हो चुकी है हालांकि अभी तक बर्ड फ्लू की पुष्टि झालावाड़ में हुई है लेकिन अन्य जिलों के कौवों ओर अन्य पक्षियों के सेम्पल भोपाल भेजे जा रहे हैं. सभी जिलों में रेस्पॉन्स टीम बनाई गई है, जो आसपास इलाके में सर्विलांस कर रही है.

निदेशालय में राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है. भारत सरकार के साथ भी सूचनाएं साझा कर रहे हैं. राजस्थान में भी विभाग समन्वय के साथ काम के रहे हैं. लोगों को सतर्क करने के लिए पंपलेट, पोस्टर बनवाए गए हैं. सभी संभागों में अलर्ट किया गया है और सभी संभागों में टीम भेजी जा रही है. बर्ड फ्लू को देखते हुए सांभर और केवलादेव उद्यान भी टीम भेजी जा रही हालांकि अभी खतरा ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन समय पर सतर्कता बरतने बेहद जरूरी है.

महामारी का रूप से सकता है बर्ड फ्लू 
यह एक वायरल संक्रमण है, जो पक्षियों से पक्षियों में बड़ी तेजी से फैलता है. बर्ड फ्लू इतना खतरनाक है कि कब महामारी का रूप ले ले कोई कह नहीं सकता. संक्रमित पक्षी (Infected birds) के संपर्क में आने से इंसानों में भी बर्ड फ्लू फैलने का खतरा रहता है. ये बीमारी संक्रमित मुर्गियों या अन्य पक्षियों के बेहद निकट रहने से ही फैलती है यानि मुर्गी की अलग-अलग प्रजातियों से डायरेक्ट या इन्डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में रहने से इंसानों में बर्ड फ्लू वायरस फैलता है.

फिर चाहे मुर्गी जिंदा हो या मरी हुई हो, इंसानों में ये वायरस उनकी आंखों, मुंह और नाक के जरिए फैलता है. इसके अलावा इंफेक्टिड बर्ड की सफाई या उन्हें नोंचने से भी इंफेक्शन फैलता है. जब यह मानव को प्रभावित करता है तो इसे इंफ्लूएंजा कहा जाता है. इस दौरान लोगों को भी सर्तक रहने की आवश्यकता है. यदि मनुष्य में बर्ड फ्लू का प्रभाव होने से ये लक्षण होते हैं.

बर्ड फ्लू के लक्षण

  • बुखार
  • हमेशा कफ रहना
  • नाक बहना
  • सिर में दर्द रहना
  • गले में सूजन
  • मांसपेशियों में दर्द
  • दस्त होना
  • हर वक्‍त उल्‍टी-उल्‍टी सा महसूस होना
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना
  • सांस लेने में समस्या सांस न आना निमोनिया होने लगता है
  • आंख में कंजंक्टिवाइटिस

क्या कहना है बर्ड्स एक्सपर्ट रोहित गंगवाल का
बर्ड्स एक्सपर्ट रोहित गंगवाल ने बताया कि झालावाड़ में पक्षियों की मौत हुई है, जिसमें बर्ड फ्लू प्रमाणित हुआ है. बर्ड फ्लू के सभी स्ट्रेंज ही घातक होते हैं. यह संक्रमण इंसानों में भी फैलने का खतरा रहता है. बर्ड फ्लू तेजी से पक्षियों में फेल रहा है, जिसकी वजह से काफी संख्या में कौवों की मौत हो गई है. झालावाड़ में प्रदूषित वातावरण भी संक्रमण की वजह मानी जा रही है. मृत जीव से यह संक्रमण जल्दी फैलता है. जब एक कौवे की मौत हो जाती है तो काफी संख्या में अन्य कौवे एकत्रित हो जाते हैं, जिससे संक्रमण ज्यादा फैलने का खतरा रहता है. इसीलिए कौवों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है.

कौवों की मौत बर्ड फ्लू से हो रही
बर्ड फ्लू से पक्षियों को बचाना बहुत जरूरी है. संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से इंसानों में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है. इसी तरह लगातार झालावाड़ में कौवों की मौत हो रही है. नागौर में मोरों की मौत को लेकर अभी बर्ड फ्लू प्रमाणित नहीं हुआ है. मोरों की मौत जहरीले दाने की वजह से हुई है. प्रदेश में हो रही पक्षियों की मौत एक चिंता का विषय है. पक्षियों की मौत के मामले में तथ्यात्मक रूप से जांच पड़ताल होनी चाहिए.

COMMENTS