बंद हो सकती है कोरोना में Plasma therapy , ये है वजह

बंद हो सकती है कोरोना में Plasma therapy , ये है वजह  बंद हो सकती है कोरोना में Plasma therapy , ये है वजह

प्लाज्मा थेरेपी को बंद करने के केन्द्र के विचार पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने केन्द्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. उनका कहना है कि केन्द्र सरकार इस मामले में राजनीति कर रही है. दरअसल केंद्र सरकार अब देश मे प्लाज़्मा थेरेपी बंद करने पर विचार कर रही है. आईसीएमआर के मुताबिक नेशनल टास्क फोर्स में प्लाज्मा थेरेपी पर प्लाज्मा थेरेपी ट्रायल के बारे में चर्चा की है, आगे भी जॉइंट मॉनिटरिंग ग्रुप में इसके बारे में चर्चा की जा रही है. इसको नेशनल गाइड लाइंस से हटाया जा सकता है. ये बयान आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव की तरफ़ से सामने आया था.

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सतेन्द्र जैन बोले- अमेरिका भी कर चुका है तारीफ

सतेन्द्र जैन का कहना है कि आईसीएमआर ने भी प्लाज्मा थेरेपी को शुरू किया था, लेकिन वे ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाए. दिल्ली की प्लाज़्मा थेरेपी की अमेरिका ने भी तारीफ की. दिल्ली में 2000 से भी ज्यादा लोगों को प्लाज़्मा थेरेपी दी जा चुकी है. ये वो लोग हैं, जिन्होंने सीधे तौर पर प्लाज्मा बैंक के जरिए प्लाज्मा लिया. उसके अलावा भी लोगों ने अपने स्तर पर प्लाज्मा लिया है.

मुझे लगता है कि केंद्र सरकार इसमें राजनीति कर रही है, क्योंकि प्लाज्मा थेरेपी इतनी कामयाब रही है और उसकी शुरुआत अरविंद केजरीवाल की सरकार ने की. मुझे लगता है कि केंद्र सरकार को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए, इसे बंद नहीं करना चाहिए. लोगों की जिंदगी बचाने के लिए उन्हें आगे आना चाहिए.

आईसीएमआर और एम्स पर भी लगाए आरोप

प्लाज्मा थेरेपी के बारे में बोलते हुए सतेन्द्र जैन ने आरोप लगाए हैं कि केन्द्र सरकार से रिसर्च हो नहीं पा रहा, आईसीएमआर और एम्स मिलकर रिसर्च कर रहे थे उनसे हो नहीं पाया. दिल्ली सरकार ने थर्ड फेज तक का ट्रायल किया, उन्होंने परमिशन भी दिया. दिल्ली सरकार उन्हें पूरा डाटा दे रही है. यह काफी हद तक कामयाब भी है, तभी हम कर रहे हैं. इसमें क्रेडिट दिल्ली सरकार को ना जाए, इसलिए यह राजनीति हो रही है. इसके साथ ही सत्येन्द्र जैन ने कहा हम उनसे हर डाटा शेयर कर रहे हैं. अभी भी जैसे ही स्टडी खत्म होगी, उन्हें डाटा शेयर किया जाएगा.

सतेन्द्र जैन का कहना है कि मैं खुद एक उदाहरण हूं कि किस तरह मेरी जान बची प्लाज्मा से. ऐसे कितने ही लोगों को प्लाज्मा दिया गया. मैं निवेदन करूंगा केन्द्र सरकार से कि राजनीति के तहत इसे बंद न किया जाए. यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि जो ट्रायल आईसीएमआर कर रहा था, वह नहीं कर पाया और दिल्ली सरकार इस ट्रायल में सफल रही, हम आगे बढ़ गए.

दरअसल सितंबर महीने में आईसीएमआर के प्लाज्मा थेरेपी के ऊपर किए गए ट्रायल के नतीजे सामने आए थे जिसमें कहा गया कि प्लाज्मा थेरेपी ना तो कोरोना मरीजों की मौत रोकने में कामयाब हो पा रही है ना ही हालात बिगड़ने की रफ्तार पर ब्रेक लगा पा रही है. इसके बाद से ही देश में प्लाज्मा थेरेपी के भविष्य को लेकर अटकलें लग रही थी

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