कोरोना रोगियों के लिए पटाखों के प्रदूषण हो सकते हैं खतरनाक,डॉक्टरों ने दी यह सलाह

कोरोना रोगियों के लिए पटाखों के प्रदूषण हो सकते हैं खतरनाक,डॉक्टरों ने दी यह सलाह  कोरोना रोगियों के लिए पटाखों के प्रदूषण हो सकते हैं खतरनाक,डॉक्टरों ने दी यह सलाह corona pthakhe

सीएम अशोक गहलोत ने विशेषज्ञ डॉक्टर्स की सलाह के आधार पर प्रदेशवासियों से अपील की है वे कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष दीपावली (Deepawali) का त्यौहार स्व-अनुशासन में रहकर मनाएं और पटाखों के प्रयोग से बचें.  सीएम अशोक गहलोत ने विशेषज्ञ डॉक्टर्स के साथ कोरोना की समीक्षा की है. लगभग 2 घण्टे चली बैठक में सभी विशेषज्ञों की राय थी कि पटाखों से होने वाला धुआं और प्रदूषण आमजन के साथ-साथ कोरोना संक्रमित रोगियों तथा कोरोना से ठीक हुए व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से घातक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय  ने कई बार आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

कोरोना रोगियों के लिए पटाखों के प्रदूषण हो सकते हैं खतरनाक,डॉक्टरों ने दी यह सलाह prachina in article 1

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल प्रदेश के जिलों में पहले से ही पटाखों के उपयोग पर प्रतिबन्ध है. राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने पटाखों के उपयोग को प्रतिबन्धित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं. साथ ही, विशेषज्ञ चिकित्सक कोरोना संक्रमण की स्थिति में लगातार पटाखों के उपयोग से बचने के लिए सचेत कर रहे हैं. ऐसे में, सभी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आत्म-अनुशासन में रहकर दीपावली मनाना जरूरी है.

चिकित्सकीय प्रोटोकॉल निर्धारित करें
कोरोना वायरस के बदले पैटर्न का अध्ययन करके चिकित्सकीय प्रोटोकॉल तय करने के निर्देश सीएम गहलोत ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि वे कोरोना वायरस के पैटर्न में बदलाव का अध्ययन कर अपना चिकित्सकीय प्रोटोकॉल निर्धारित करें.उन्होंने कहा कि यह देखने में आ रहा है कि संक्रमित रोगियों के नेगेटिव होने के बाद भी उन पर वायरस का असर बरकरार रहता है. विभिन्न जिलों में कोरोना रोगियों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के साथ इस पैटर्न की जानकारी साझा करें और उन्हें बेहतर इलाज के लिए समय-समय पर समुचित सलाह देते रहें.

 

प्रदेश में पॉजिटिव रोगियों की वृद्धि दर में स्थिरता

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अखिल अरोरा ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश में पॉजिटिव रोगियों की वृद्धि दर में स्थिरता आई है और ऑक्सीजन, वेन्टीलेटर आईसीयू की आवश्यकता वाले मरीजों की संख्या घटी है. 30 सितम्बर को जहां ऑक्सीजन बेड, आईसीयू और वेन्टीलेटर की आवश्यकता वाले मरीजों की संख्या 2800 से अधिक थी, वह 8 अक्टूबर को घटकर करीब 2100 रह गई है.

सर्दियों में कोरोना प्रकोप बढ़ने की आशंका
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि आगामी सर्दी के मौसम में कोरोना संक्रमण में तेजी की आंशका को दृष्टिगत रखते हुए अपनी तैयारियों में कोई कोताही नहीं बरतें. उन्होंने कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन के आम लोगों के बीच सकारात्मक प्रभाव पर संतोष जाहिर किया और इसकी गति को बरकरार रखने के लिए प्रयासरत रहने के निर्देश दिए.

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