बीकानेर

रामकथा पर आधारित विश्व के पहले हाइकु संकलन में शामिल हुई पृथ्वी बैनीवाल की रचनाएं

हिसार के रहने वाले कवि पृथ्वी सिंह बैनीवाल बिश्नोई द्वारा श्रीराम और श्रीराम कथा पर लिखे ऐसे ही कई हाइकु अमेरिका के राम चरित भवन और वैश्विक हिंदी संस्थान द्वारा श्रीराम और रामकथा पर आधारित विश्व के पहले अंतरराष्ट्रीय हाइकु संकलन ग्रन्थ ‘राम हाइकु पीयूष’ में शामिल किए गए हैं।
रामनवमी के अवसर पर प्रतिष्ठित हाइकुकार डॉ जगदीश व्योम और कमलेश भट्ट द्वारा लोकार्पण किए गए इस ग्रन्थ में भारत सहित विश्व के कुल 11 देशों के 151 हाइकुकारों द्वारा रामकथा के विभिन्न पात्रों व प्रसंगों पर आधारित 1008 हाइकु लिखे गए हैं। इन देशों में भारत के अतिरिक्त आस्ट्रेलिया, कतर, मॉरीशस, नीदरलैंड, श्रीलंका, सिंगापुर, त्रिनिदाद एंड टोबागो, यूनाइटेड किंगडम, यूएई, अमेरिका के नामी कवि शामिल हैं। इस पुस्तक के प्रथम संस्करण के प्रधान संपादक अमेरिका के प्रो. ओमप्रकाश गुप्ता है। साथ ही विभिन्न देशों के 7 अन्य कवि और कवयित्री भी संपादक मण्डल में शामिल है।
श्रीकृष्ण काव्य पीयूष में भी शामिल थी कविताएं
इससे पहले भी वर्ष 2021 में राम चरित भवन अमेरिका द्वारा श्रीकृष्ण जीवन पर केंद्रित महाकाव्य ग्रन्थ ‘श्रीकृष्ण काव्य पीयूष’ का प्रकाशन किया गया, जिसमें 16 देशों के 101 कवियों की कविताओं में पृथ्वी सिंह बैनीवाल की कविताएं भी शामिल की जा गई थी।
ये हैं ग्रन्थ में विभिन्न हाइकु के विषय
इस हाइकु संकलन में राम हैं कौन, राम यात्रा, बालकाण्ड, राम वनवास, पुत्र वियोग, उर्मिला और केवट प्रसंग, सीता हरण, शबरी भेंट, सीता हनुमान संवाद, लंका दहन, सीता परित्याग आदि अनेकों विषयों पर केंद्रित हाइकु शामिल है।
15 पुस्तकें और 20 सांझा संकलन हो चुके हैं प्रकाशित
पिछले 40 वर्षों से अधिक से हिंदी साहित्य की सेवा में संलग्न पृथ्वी सिंह बैनीवाल की लिखित, संपादित 15 पुस्तकें और 20 से अधिक सांझा संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। साथ ही 2000 से अधिक कविताएं, कहानियां, 250 से अधिक आलेख विभिन्न शोध पुस्तकों, समाचार पत्रों, पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
साथ ही साथ बैनीवाल को अब तक भारत गौरव अवार्ड, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, हरियाणा गरिमा अवार्ड, कलम वीर सम्मान, सर्वश्रेष्ठ सृजन सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से भी नवाजे जा चुका है।

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